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Shahjahanpur: बारिश के बीच आंधी ने बरपाया कहर, पेड़ गिरने से प्रधान की मौत, ई-रिक्शा सवार बाल-बाल बचे

Mon, 16 Oct 2023 07:58 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर जिले में तेज आंधी और बारिश से सोमवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी से कई जगहों पर पेड़ गिर गए। पुवायां में हाईवे पर पेड़ गिरने से गांव हरनाई के प्रधान की मौत हो गई। 
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मृतक प्रधान का फाइल फोटो, पेड़ के नीचे दबी बाइक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर जिले में सोमवार को आंधी बारिश ने कहर बरपाया। पुवायां क्षेत्र में आंधी के कारण पेड़ हाईवे पर गिर जाने से गांव हरनाई के प्रधान होतेलाल (47) की दबकर मौत हो गई। वह पुवायां से घर जा रहे थे। पेड़ के नीचे एक ई-रिक्शा भी दबकर चकनाचूर हो गया।
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प्रधान होतेलाल सोमवार को किसी काम से पुवायां तहसील गए थे। दोपहर में घर वापस आते समय खुटार-पुवायां मार्ग पर गांव रूजहा खुर्द मोड़ के पास अचानक आंधी के साथ बारिश आ गई।

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ऐसे में आम का एक विशाल पेड़ हाईवे पर आ गिरा। इससे प्रधान पेड़ के नीचे दब गए। पड़ोस में आढ़त पर मौजूद लोगों ने किसी तरह प्रधान को पेड़ के नीचे से निकाला और आढ़त स्वामी अनुपम सक्सेना ने प्रधान को सीएचसी ले जाकर भर्ती कराया।

इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद प्रधान ने दम तोड़ दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि पेड़ गिरने से प्रधान होतेलाल की गर्दन और सीना बुरी तरह दब गया था, जिससे उनकी मौत हो गई।

हाईवे पर लगा जाम 
हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और एक घंटे बाद जेसीबी और लोगों की मदद से पेड़ काे हटवाकर आवागमन सुचारू कराया। प्रधान की मौत की सूचना घर पहुंचते ही पत्नी सरला देवी, पुत्र सचिन कुमार, शोभित कुमार, हर्षित कुमार और पुत्री रचना देवी खुटार पहुंचे।

प्रधान का शव देखकर परिजन दहाड़े मारकर रो उठे। सूचना पाकर प्रधान संगठन के पदाधिकारी और कई प्रधान भी सीएचसी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
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ई-रिक्शा में बैठी सवारियां बाल-बाल बचीं
एक ई-रिक्शा चालक खुटार से सवारियां भरकर रामपुर कलां की ओर जा रहा था। आंधी और बारिश आने पर उसने आम के उसी पेड़ के नीचे ई रिक्शा खड़ा कर दिया, जहां पेड़ गिरा। गनीमत रही कि सवारियां उतर कर पड़ोस में कबाड़ की दुकान पर जाकर बैठ गईं थीं। सवारियां ई-रिक्शे पर ही होतीं तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
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