कांट। रुक-रुककर शनिवार रात हुई बारिश से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। 33 केवीए लाइन के इंसुलेटर फटने से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के लोग अंधेरे में करवटें बदलते रहे। बिजली जाने से लोगों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।
शाम करीब सात बजे विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश होने के कारण कर्मचारी फॉल्ट तलाश नहीं पाए। हल्की बारिश होने पर गश्त के दौरान कर्मियों को रावतपुर गांव के पास इंसुलेटर फटा मिला। करीब चार घंटे के बाद बिजली की आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन दस मिनट के बाद फिर से लोकल फॉल्ट की भेंट चढ़ गई।
बिजली गुल रहने से लोगों के इन्वर्टर जवाब दे गए और मोबाइल समेत अन्य बिजली उपकरण बंद हो गए। पूरी रात लोग अंधेरे में करवटें बदलते रहे। उसके बाद रात करीब डेढ़ बजे बिजली की लाइन दुरुस्त हो सकी। सुबह छह बजे फिर से लोकल फॉल्ट हो गया। ऐसे में मोटर और सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से पानी की टंकियां भी खाली हो गईं।
लोगों को पीने के पानी के लिए नलों का सहारा लेना पड़ा। पूर्वाह्न 11 बजे आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अधिशासी अभियंता ग्रामीण एके मिश्रा ने बताया कि बारिश होने के कारण लाइन ब्रेकडाउन हो गई थी। रात में ही आपूर्ति को बहाल करा दिया था।
झांकी निकलने के कारण बिजली रही बाधित
निगोही रोड विद्युत उपकेंद्र के जलालनगर फीडर पर शनिवार की रात झांकी निकलने के कारण रात दस से 11 बजे तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही। बिजली नहीं आने से लोग परेशान रहे। दूसरी ओर जलालाबाद के पाली फीडर पर दोपहर से गई बिजली रात 11 बजे आई। इसके चलते लोगों के घरों के इंवर्टर तक डाउन हो गए। मामला अधीक्षण अभियंता के पास पहुंचने पर आपूर्ति को बहाल किया गया।