शाहजहांपुर। शासन की ओर से स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को सशक्त बनाने और महिला उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए शक्ति परी (पॉवर एंजल) योजना चलाई गई थी। यह योजना अनदेखी की भेंट चढ़ चुकी है। योजना के संबंध में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ही जानकारी नहीं है। जबकि प्रत्येक स्कूल से छात्राओं को चयनित कर पॉवर एंजल बनाया था।
महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2015-16 में वीमेन पावर लाइन 1090 की शुरुआत की थी। स्कूली छात्राओं को विशेष पुलिस अधिकारी बनाने की योजना थी, जिन्हें शक्ति परी (पावर एंजेल) नाम दिया गया है। प्रत्येक स्कूल-कॉलेज में चार छात्राओं को स्पेशल पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया था। छात्राओं को शिकायतों के लिए लखनऊ में प्रशिक्षित किया जाना था। इन छात्राओं के ग्रुप का काम न सिर्फ स्कूल, कॉलेजों में छात्राओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकना, बल्कि छात्राओं पर हो रहे उत्पीड़न की शिकायत भी करना था। वीमेन पावर लाइन कंट्रोल रूम के साथ ही स्थानीय पुलिस से शिकायत करने पर उनकी पहले सुनवाई किए जाने का नियम बनाया गया था।
स्कूल व कॉलेजों में छात्राओं से भरवाए गए थे फार्म
योजना के तहत प्रत्येक स्कूल के चार-पांच छात्राओं को चयनित किया था। उनके फार्म भरवाए गए और फिर उनको पॉवर एंजल का कार्ड भी जारी किया। हालांकि कुछ छात्राओं को लखनऊ जाकर अपना कार्ड लाना पड़ा था। साथ ही छात्राओं को प्रशिक्षण दिया, जिसमें इन छात्र-छात्राओं को महिला उत्पीड़न रोकने के लिए जागरूक करने और शिकायत दर्ज कराने के संबंध में जानकारी दी गई थी।
बीएसए और डीआईओएस बोले, योजना की जानकारी नहीं
शक्ति परी (पॉवर एंजल) योजना के संबंध में बीएसए और डीआईओएस से जानकारी लेनी चाही गई तो दोनों ही अधिकारियों ने इस योजना को लेकर अनभिज्ञता जताई। बीएसए सुरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें योजना की जानकारी नहीं है। वहीं डीआईओएस शौकीन सिंह बोले कि इस तरह की कोई योजना उनके विभाग द्वारा संचालित नहीं हुई। जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने भी योजना को लेकर जानकारी से इनकार कर दिया।
स्कूलों के पास भी नहीं रिकार्ड
योजना के तहत स्कूल और कॉलेजों की छात्राओं को चयनित कर पॉवर एंजल बनाया था। डॉ. सुदामा प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या राखी मिश्रा के बताया कि उनके स्कूल से इंटरमीडिएट की पांच छात्राओं को पॉवर एंजल बनाया था और प्रशिक्षण के साथ कार्ड भी जारी किए थे। दो छात्राएं कार्ड लेकर गई, तीन वह भी लेने नहीं आई। तक्षशिला पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य प्रखर खंडेलवाल ने योजना के तहत चयनित छात्राओं के गतिविधियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
2016 में तक्षशिला पब्लिक स्कूल में 12वीं की पढ़ाई के दौरान शक्ति परी के लिए चयन हुआ था। स्पेशल पुलिस ऑफिसर का कार्ड नहीं मिला। तब दो साल बाद लखनऊ जाकर 1090 के कार्यालय से कार्ड हासिल किया था। कभी किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रशासन की ओर से किसी कार्यक्रम में बुलावा नहीं आया।
अनुज्ञा मिश्रा, छात्रा