जैतीपुर। ब्लॉक प्रमुख ईश्वर वती के खिलाफ मरेना से बीडीसी सदस्य राजकुमार सिंह द्वारा दोबारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के प्रयास किए जाने के साथ ही जैतीपुर क्षेत्र मेें सियासी हलचल बढ़ गई है। ब्लॉक प्रमुख को अपदस्थ कराने के लिए जहां भाजपा नेता राजकुमार अपने समर्थकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं ब्लॉक प्रमुख को उनके पद पर बनाए रखने के लिए सपा नेता अपने समर्थक बीडीसी सदस्यों से संपर्क में हैं।
बता दें कि वर्ष 2016 में हुए पंचायत चुनाव में सपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह यादव की पत्नी ईश्वरवती और कांग्रेस नेता महेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना की पत्नी विजय लक्ष्मी को 33-33 समान वोट मिले थे। यह स्थिति तीन अन्य बीडीसी सदस्यों द्वारा दोनों उम्मीदवारों को वोट देने से बनी थी। मतगणना में यह तीनों वोट निरस्त होने पर लॉटरी पद्धति से ईश्वरवती विजेता घोषित हुई थीं। एक वर्ष बाद सूबे में भाजपा की सत्ता आने पर मरेना से बीडीसी एवं भाजपा नेता राजकुमार सिंह ने ब्लॉक प्रमुखी हासिल करने के लिए अपने पक्ष में गोटियां बिछानी शुरू कर दीं। इसके लिए उन्होंने गत 24 अक्तूबर को 35 अन्य बीडीसी सदस्यों के साथ डीएम से भेंट कर उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का प्रतिवेदन सौंपा था।
डीएम ने बहुमत साबित करने के लिए क्षेत्र पंचायत समिति की 15 नवंबर को बैठक बुलाई, लेकिन इस बीच प्रशासनिक चूक का लाभ उठाते हुए ब्लॉक प्रमुख इलाहाबाद हाईकोर्ट चली गईं और बैठक एजेंडा के साथ बीडीसी सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव के प्रतिवेदन की कॉपी उपलब्ध नहीं कराए जाने को आधार बनाकर कोर्ट से बैठक निरस्त किए जाने का आदेश ले आईं। इसके बावजूद भाजपा नेता राजकुमार सिंह ने हार नहीं मानी और बीते दिन दोबारा 35 अन्य बीडीसी के साथ डीएम से भेंट कर अविश्वास प्रस्ताव का प्रतिवेदन दे दिया। हालांकि, उनकी राह आसान नहीं मानी जा रही क्योंकि सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां समेत पार्टी के अन्य धुरंधर ईश्वरवती के लिए बीडीसी सदस्यों से संपर्क कर उनके गिले-शिकवे दूर करने में जुट गए हैं।