शाहजहांपुर के चौक कोतवाली के सिंजई मोहल्ला निवासी शेखर मौर्य आयुष हत्याकांड में वांछित था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। दिसंबर 2024 में उसका शव कानपुर में मिला था। टैटू देखकर पत्नी ने इसकी पहचान की थी। हालांकि पुलिस पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराएगी।
शाहजहांपुर के चर्चित आयुष हत्याकांड में आरोपी 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर शेखर मौर्य की हत्या की पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। शेखर का शव कानपुर में नहर से बरामद हुआ था। मृतक की पत्नी ने व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो देखकर टैटू से उसकी पहचान की थी। थाना सदर बाजार के इंस्पेक्टर अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि शेखर मौर्य का कानपुर में लावारिस में अंतिम संस्कार हुआ था। हत्या का मुकदमा कानपुर में लिखा गया है। उसके शव की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी।
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शेखर के घर की हो चुकी है कुर्की
शाहजहांपुर में पिछले साल दो दिसंबर को थाना सदर बाजार के श्यामगंज गौटिया निवासी दिलीप गुप्ता के बेटे आयुष गुप्ता की ओसीएफ के रामलीला मैदान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रेम-प्रसंग के चलते हुए हत्याकांड में 14 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने हिंदू युवा वाहिनी के नेता रहे स्वप्निल शर्मा, आशुतोष उर्फ प्रिंस राजपूत, निशांत मिश्रा, पलक आदि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
चौक कोतवाली के सिंजई मोहल्ले का अभिषेक उर्फ शेखर मौर्य तब से फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। साथ ही पुलिस टीम ने अदालत के आदेश पर पिछले माह आरोपी के घर पर कुर्की की भी कार्रवाई की थी। आयुष की हत्या के बाद शेखर कानपुर अपनी बहन के घर चला गया था। वहां उसकी हत्या कर दी गई थी।