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Shahjahanpur News: तमंचा और मादक पदार्थ रखे होने की सूचना देने वाले को खोज नहीं पाई पुलिस

Fri, 10 Jan 2025 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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पुवायां। फुटवियर की दुकान में मिले बैग से तमंचा, चार कारतूस, संदिग्ध नशीला पाउडर और अफीम बरामदगी के मामले में पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने सूचना दी थी।
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सर्विलांस से पता चला है कि वह लखीमपुर के थाना गोला के एक गांव का रहने वाला है। पुलिस टीम पूरे दिन वहां डटी रही, लेकिन देर शाम तक कामयाबी नहीं मिली। उसने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर रखा है। आठ जनवरी को एक व्यक्ति ने थाना प्रभारी को कॉल कर जानकारी दी थी कि थाने के सामने सादिक की फुटवियर की दुकान में एक बैग रखा है, जिसमें अफीम, स्मैक, तमंचा और चार कारतूस रखे हैं।
पुलिस ने तलाशी ली तो वहां से बैग बरामद हो गया। उसमें अफीम की तरह का 1475 ग्राम पदार्थ, स्मैक की तरह दिखने वाले पाउडर की 25 ग्राम की 30 पुड़िया, तमंचा और चार कारतूस बरामद हुए थे। दुकान स्वामी सादिक का कहना था कि एक व्यक्ति ने जूते खरीदे थे और रुपये एटीएम से निकालने की बात कहते हुए बैग रखकर चला गया था।
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थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि कुछ तथ्य मिले हैं, जिन पर काम चल रहा है। जल्द खुलासा हो जाएगा।

दुकान स्वामी से फिर हुई पूछताछ
पुलिस ने बृहस्पतिवार को भी दुकान स्वामी से पूछताछ की। पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि यह दुकान स्वामी को फंसाने का प्रयास तो नहीं है और अगर ऐसा किया गया है तो इसके पीछे क्या कारण है?
दुकान स्वामी से पुलिस को कुछ जानकारियां मिली हैं। मामले में एक लड़की के परिजनों का नाम भी सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, दुकान स्वामी को कुछ दिन पहले एक मामले में धमकी दी गई थी। इस मामले में स्थानीय लोगों के भी शामिल होने का अनुमान है, क्योंकि सूचना देने वाले ने तमाम मीडियाकर्मियों को भी कॉल की थी। बाहर के व्यक्ति को मोबाइल नंबर जुटाने में समस्या हो सकती है। बरामद पदार्थ अफीम और स्मैक निकला तो इसकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये हो सकती है। भारी रकम के नशीले पदार्थ वाला बैग छोड़कर चले जाने की बात भी संदेह पैदा कर रही है।

आरोपी पकड़े जाने के बाद भेजे जाएंगे सैंपल
फुटवियर दुकान से बरामद संदिग्ध अफीम और स्मैक की जांच आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के अनुसार प्रावधान है कि बरामद पदार्थ को सील करने में आरोपी के भी हस्ताक्षर कराए जाते हैं। ऐसे में जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता, तब तक पता नहीं चल सकेगा कि बरामद पदार्थ अफीम और स्मैक है कि नहीं?
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