शाहजहांपुर/खुदागंज। जनपद के सीमावर्ती विकास खंड खुदागंज को पड़ोसी जनपद बरेली की फरीदपुर तहसील से जोड़ने वाला अंतरजनपदीय मार्ग मरम्मत और रखरखाव की कमी के कारण बदहाल हो चुका है। करीब 28 किमी लंबे इस रास्ते के जनपद में पड़ने वाले हिस्से को सुधारा जा चुका है, लेकिन बरेली की सीमा में आने वाले इसी मार्ग के 14 किमी हिस्से में गड्ढों से जर्जर हो चुकी सड़क को सुधारने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में चले गड्ढा मुक्त अभियान से भी इस सड़क का जीर्णोद्धार नहीं हो सका, जबकि खुदागंज के अधिकांश कारोबारी व्यापार के सिलसिले में बरेली जाने के लिए कम दूरी वाले इसी मार्ग को अपनाते हैं। खुदागंज से चठिया गांव तक गड्ढे पाटकर सड़क समतल की जा चुकी है, लेकिन उसके आगे भगवंतापुर से सड़क इतनी जर्जर है कि उस पर वाहन हिचकोले खाते हुए निकलते हैं।
वाहन दुर्घटना का ठिकाना बना त्रिवेणी मोड़
इस मार्ग से रोजाना न सिर्फ सैकड़ों निजी वाहन गुजरते हैं, खुदागंज से दिल्ली वाया फरीदपुर चलने वाली रोडवेज बसें भी इसी मार्ग से गुजरती है। इन वाहनों के लिए भगवंतापुर के आगे त्रिवेणी गांव का तीखा मोड़ दुर्घटना का ठिकाना बन गया है। वहां सिंगल लेन के इस मार्ग के दोनों ओर फुटपाथ नहीं है।
यही नहीं, फुटपाथ गड्ढों से घिरे होने के कारण रोडवेज बसों और माल से लदे ट्रकों को मोड़ते वक्त जरा सी असावधानी में उनका संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में वहां अक्सर वाहन पलटने से लोग घायल हो जाते हैं। यदि कोई दुपहिया वाहन चालक वहां थोड़ी भी रफ्तार बढ़ाता है, तो उनके साथ भी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इस मार्ग से अक्सर गुजरने वाले लोग त्रिवेणी मोड़ के पास बहुत धीमी गति से वाहन निकालते हैं।
कॉलेजों के छात्र-छात्राओं पर मंडरा रहा खतरा
इस मार्ग पर दो महाविद्यालय और एक इंटर कॉलेज भी है, जिनमें हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए बाइक, साइकिल और अन्य साधनों से आते-जाते हैं। मार्ग पर गड्ढों की भरमार उन्हें कॉलेज से घर तक आने-जाने में पस्त कर देता है। इसी मार्ग पर अन्य गांवों के स्कूली बच्चों भी गड्ढों के शिकार हो रहे हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान छिड़ने पर इस मार्ग की दशा सुधरने की थोड़ी उम्मीद बढ़ी। उस दौरान मार्ग के शाहजहांपुर जनपद वाले हिस्से में बजरी-कोलतार लेपन का थोड़ा कार्य हुआ, लेकिन बाद में मरम्मत का काम अधूरा छोड़ दिया गया।
सैकड़ों गांवों के हजारों बाशिंदे परेशान
इस मार्ग के किनारे और आसपास जिगनिया, चठिया फैजू, गांगेपुरा, बिल्हौआ, मेहतरपुर, तेजा सिंह, अलगनी, भगवंतापुर, ढकनी, रजपुरी करीब दो सौ गांवों की बसावट हैं। इन गांवों के हजारों बाशिंदे रोजमर्रा के कामों के लिए इसी मार्ग से निकलते हैं। उन्हें खुदागंज जाना हो अथवा फरीदपुर, अन्य कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से ग्रामीण इसी रास्ते से निकलते हैं।
हालांकि, इनमें से कुछ गांवों के संपर्क मार्ग दूसरे गांवों से जुड़े होने से ग्रामीण गड्ढों से बचने के लिए उन्हें भी अपनाते हैैं, लेकिन ऐसी दशा में उन्हें ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है और उसमें समय भी ज्यादा लगता है। कहीं जल्दी पहुंचना हो तो गड्ढों वाले इस मार्ग पर चलना उनकी मजबूरी हो जाती है। यही नहीं, गड्ढों के कारण वाहन भी जल्दी खराब हो जाते हैं।
इस मार्ग के जनपद वाले हिस्से में गड्ढा मुक्त अभियान के दौरान मरम्मत कार्य कराया गया था, लेकिन आगे का हिस्सा लोक निर्माण विभाग की बरेली इकाई के पास है। नियमानुसार जिला मार्ग श्रेणी के ऐसे ग्रामीण रास्तों का अनुरक्षण कार्य आठ साल अंतराल पर कराया जाता है। यदि क्षेत्रीय विधायक अथवा अन्य किसी जन प्रतिनिधि से इस मार्ग की मरम्मत का प्रस्ताव मिला तो उसे विभाग की कार्य योजना में शामिल किया जाएगा और स्वीकृति मिलते ही उस पर आवश्यक कार्य कराया जाएगा। -राजकुमार पिथौरिया, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (प्रांतीय खंड)
शहजहांपुर में खुदागंज-फरीदपुर मार्ग पर जिगनिया के आगे बजरी-कोलतार उखडने से सड़क पर बना गड्ढा। सं?- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर में खुदागंज-फरीदपुर मार्ग पर जिगनिया और चठिया गांव के बीच दोनों ओर उखड़ चुकी सड़क। सं?- फोटो : SHAHJAHANPUR