शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर गत एक अक्तूबर से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद के शुरुआती दो दिन अवकाश में निकल गए और बीते शनिवार को सिर्फ एक सेंटर पर 19.20 क्विंटल धान खरीदा जा सका। अधिकांश सेंटरों पर सोमवार को भी यही स्थिति बनी रही। सोमवार को रोजा मंडी और बंडा क्षेत्र के कुछ केंद्रों पर लगभग 160 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीद हुई, लेकिन अन्य तमाम केंद्रों पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि मंडियों की आढ़तें धान लेकर आने वाले किसानों से गुलजार रहीं। सोमवार को भी रोजा, पुवायां, बंडा और जलालाबाद में करीब 15000 क्विंटल धान की आवक हुई। यह अलग बात है कि सेंटर इंचार्जों द्वारा धान में नमी ज्यादा बताकर लौटाए जा रहे किसानों को आढ़तों पर भी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। रोजा और तिलहर मंडी में गल्ला आढ़तियों ने 22 से 26 फीसदी नमी वाला धान 1150 से 1235 रुपये क्विंटल के भाव पर खरीदा।
रोजा मंडी के कई सेंटरों पर दोपहर तक शनिवार जैसा सन्नाटा दिखा, लेकिन वहां की कई आढ़तों के आगे किसानों से कम रेट पर खरीदे गए धान के ढेर लगे मिले। आढ़तियों ने नमी सुखाने की गरज से रोड पर ही धान खुला रख छोड़ा है। मंडी मेें खाद्य विभाग और भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की तोल होती मिली, लेकिन अन्य पांच सेंटरों पर जो किसान अपनी उपज लेकर गए, उसमें नमी 17 प्रतिशत से ज्यादा पाए जाने पर केंद्र प्रभारियों ने तोल कराने से इनकार कर दिया। सोमवार को आरएफसी सेंटर पर 32 क्विंटल और आरएफसी केंद्र पर 16 क्विंटल खरीद हुई। नैफेड के सेंटर पर क्रय केंद्र प्रभारी मोबाइल पर व्यस्त दिखे। आरएफसी के सेंटर इंचार्ज ने किसानों को समझाया कि दो दिन धूप दिखाने के बाद धान लेकर आएं तो समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकता है। रोजा मंडी के सचिव प्रवीण अवस्थी के अनुसार सोमवार को मंडी में आढ़तों पर 10500 क्विंटल आवक हुई और अभी तक आढ़तों पर कुल 33000 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, लेकिन नमी ज्यादा होने से किसानों को रेट कम मिल रहा है।
तिलहर मंडी सूने पड़े रहे दोनों केंद्र
तिलहर। मंडी परिसर में लगे दोनों सरकारी क्रय केंद्रों पर सोमवार को पांचवें दिन भी खरीद नहीं हो सकी। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों पर जो धान नमी ज्यादा होने के बहाने खरीदने से इनकार किया जा रहा है, वहीं धान बाद मेें केंद्र प्रभारी आढ़तों से खरीदकर मुनाफा कमाने के रास्ते खोज रहे हैं। मंडी में खुले आरएफसी और पीसीएफ क्रय केंद्रों पर दिन भर खरीद ठप रहने से सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र प्रभारियों का कहना है मानक के अनुसार धान नहीं आने के कारण समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं है। इस बीच, मंडी सचिव ने दोनों केंद्रों का निरीक्षण कर केंद्र प्रभारियों को हिदायत दी कि निर्धारित नमी मानक वाले धान की तोल को लेकर किसानों से कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
तीन एजेंसियों से मांगे क्रय केंद्रों के प्रस्ताव
धान क्रय नीति से बाहर की गईं जिन एजेंसियों को शासन ने दोबारा खरीद में शामिल किया है, उनके क्रय केंद्रों का निर्धारण सोमवार शाम तक नहीं हो सका है। बता दें कि डीएम ने विभिन्न एजेंसियों को खरीद सत्र शुरू होने से पहले 181 क्रय केंद्र आवंटित किए थे। इनमेें यूपीएसएस के 38, कर्मचारी कल्याण निगम के आठ और यूपी एग्रो का एक सेंटर भी शामिल था। बाद मेें शासन ने धान क्रय नीति घोषित कर गत वर्ष की शिकायतों के आधार पर इन तीनों एजेंसियों को सरकारी खरीद से बाहर कर दिया। इस कारण इन तीनों एजेंसियों के 48 सेंटर कम हो गए। अब इन तीनों एजेंसियों को फिर से धान खरीद का अधिकार दिया गया है। इसे देखते खाद्य विपणन विभाग ने तीनों एजेंसियों के प्रभारी अधिकारियों से क्रय केंद्रों के नवीन प्रस्ताव मांगे हैं।
किसान संगठनों ने मांगा धान का उचित मूल्य
शाहजहांपुर। किसान संगठनों ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर मंडियों में आढ़तों पर धान खरीद के नाम पर किसानों से हो रही लूट पर रोक लगाने और क्रय केंद्रों पर निर्धारित नमी मानक वाले धान की समर्थन मूल्य पर खरीद कराने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कश्यप ने सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में समर्थन मूल्य से कम रेट पर खरीद करने वाली आढ़तों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की। उधर, भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल ने ज्ञापन में किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने को ठोस उपाय किए जाने की मांग की। इस मौके पर गोपीनाथ कश्यप, अभिषेक कश्यप, अभय कश्यप, प्रशांत शर्मा, अवनीश शुक्ला, पुष्पेंद्र सिंह बंटी, सतपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, मनोज शुक्ला, राजेश दिनकर आदि मौजूद रहे।
17 प्रतिशत नमी वाले धान की आवक तेज होने में अभी तीन-चार दिन लग सकते हैं। अभी धान में नमी 22 से 25 प्रतिशत तक निकल रही है। किसानों को समझाया जा रहा है कि ज्यादा नमी वाला धान कम रेट पर बेचने की जल्दबाजी करके अपना नुकसान नहीं करें। क्रय केंद्रों की कमी जैसी कोई समस्या किसानों के साथ नहीं है। दोबारा खरीद में शामिल की गईं एजेंसियों के सेंटर मंगलवार तक खुल जाएंगे।
- कमलेश पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी