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नेशनल इंस्टीट्यूट पर दस हजार रुपये की क्षतिपूर्ति के निर्देश

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शाहजहांपुर। स्थायी लोक अदालत ने त्रुटिपूर्ण और लापरवाही से रिजल्ट घोषित करने के एक मामले में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के क्षेत्रीय निदेशक इलाहाबाद को दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति वादी को दो माह के अंदर अदा करने का फैसला सुनाया है। वहीं इंटर कॉलेज के खिलाफ दायर याचिका को निरस्त कर दिया गया है।
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शहर के मोहल्ला 71 बी रेलवे कॉलोनी लाला तेली बजरिया निवासी विवेक तिवारी ने अपने परीक्षा परिणाम और अंक पत्र को जारी करने के लिए प्रबंधक सेंट एचएन पब्लिक इंटर कॉलेज सिविल लाइन शाहजहांपुर व क्षेत्रीय निदेशक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के खिलाफ वाद दायर किया था। उनके मुताबिक वर्ष 2017-18 में परीक्षा के लिए एक इंटर कॉलेज के माध्यम से प्रवेश लिया था। वहां के प्रधानाचार्य ने उससे 2500 रुपये जमा कराए और उसकी रसीद नहीं दी। अक्तूबर 2018 में केंद्रीय विद्यालय सेंटर पर उसने परीक्षा दी, लेकिन इंटर कॉलेज से उसे रिजल्ट नहीं दिया गया। एक मार्च 2019 को उसने इंस्टीट्यूट को नोटिस भेजा। इसके बाद भी उसे रिजल्ट नहीं दिया गया। इस कारण मजबूरन न्यायालय की शरण ली। मुकदमा के दौरान उसका रिजल्ट घोषित कर दिया गया और मार्कशीट भी भेज दी गई। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष कमल चौधरी, सदस्य मनोज कृष्ण मिश्र, तसनीम कौसर ने मुकदमे की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। शारीरिक, मानसिक वाद व्यय के रूप में पांच हजार और लापरवाही से रिजल्ट घोषित पर पांच हजार रुपये (कुल दस हजार रुपये) वादी को दो माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया है।
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