शाहजहांपुर। अवैध अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में अदालत ने निगोही थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने डीएम, एसपी, सीएमओ को आदेश की प्रति प्रेषित कर आदेशित किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।
निगोही के गांव पिपरिया बसखेड़ा के रहने वाले सुधीर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी पत्नी सोनी देवी को डिलीवरी के लिए 25 अप्रैल 2025 को आशा द्वारा ग्लोबल हॉस्पिटल में डॉ. रजनीश कुशवाहा की देखरेख में भर्ती कराया गया था। डॉ. रजनीश के कहने पर 50 हजार रुपये जमा किए थे।
लगभग एक घंटे बाद नॉर्मल डिलीवरी से बेटा पैदा हुआ था। इसके बाद डॉक्टर व उनके कर्मचारी ने जानबूझकर घोर लापरवाही बरतते हुए बोतल में गलत इंजेक्शन लगा दिया। 20 मिनट बाद उनकी पत्नी की तड़पकर मृत्यु हो गई। वह निगोही थाने में गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत में सीएमओ की ओर से दी गई रिपोर्ट में ग्लोबल हॉस्पिटल के पंजीकृत नहीं होने और रजनीश कुशवाहा के पास कोई वैध चिकित्सक प्रमाणपत्र की डिग्री नहीं होने की बात कही गई थी।
अदालत ने पाया कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा था। यह मामला झोलाछाप से संबंधित है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर ने प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी निगोही को आदेश दिया कि वर्णित तथ्याें के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने आदेश की प्रति जिलाधिकारी, सीएमओ और एसपी को भेजने के लिए आदेशित किया जिससे कि वे ऐसे प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि आम जनता को झोलाछापों से छुटकारा दिलाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।