शाहजहांपुर। नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज में महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक अमृता दीक्षित ने छात्राओं को शासन की योजनाओं की जानकारी दी।साथ शिक्षित व सशक्त बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित नारी ही समाज को नेक रास्ता दिखाने में सक्षम है। पढ़ाई के साथ ही आत्मनिर्भर बनने की दिशा के लिए काम जरूर करें।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अमृता दीक्षित ने छात्राओं को मजबूर के बजाय मजबूत बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब किसी से कमजोर नहीं हैं। बस उन्हें अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। नारी शिक्षित होती है तो पूरे समाज को नेक रास्ता दिखाने में सामर्थ्य होती है। नारी को यदि शिक्षित किया जाए तो निश्चित ही वह आने वाली संतानों में अच्छे संस्कारों का समावेश करेगी, साथ ही अच्छे संस्कार से समाज में नाम रोशन होगा।
उन्होंने कहा कि समाज को सर्वप्रथम कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह से ऊपर उठकर अपनी बालिकाओं को मुख्यधारा में लाना होगा। इससे निश्चित ही महिलाओं व बालिकाओं को उचित सम्मान व स्थान प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन योजना, नारी सम्मान योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, सामूहिक विवाह योजना, शादी अनुदान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी दी। उन्होंने टोल फ्री नंबर-112, 181, 1090, 108 आदि के कार्यों पर प्रकाश डाला।
प्रधानाचार्य शाइस्ता नसीम ने आभार व्यक्त किया। सदफ खान के संचालन में हुए कार्यक्रम में बुशरा यूसुफी, फौजिया खान, अमरीन इकबाल, तबस्सुम खालिद, शाजिया खानम, इमराना, निकहत परवीन आदि मौजूद रहीं। करीब 90 छात्राएं मौजूद रहीं।
नारी को कमजोर नहीं आंकना चाहिए
वर्तमान समय की नारी को कमजोर आंकना भूल है। पहले की नारी कमजोर हुआ करती थी। वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता का परचम फहरा रही है। महिलाओं को अपनी अंदर की छिपी प्रतिभा को पहचानने की जरूरत है। -खुशी नाज
ऊंचाइयों को छू रही है नारी
आज की नारी राजनीति से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा रही है। उसके अंदर आत्मशक्ति है। तभी घर की चौखट को पार करने के बाद ऊंचाइयों को छू रही है। इसलिए वर्तमान समय की नारी पूरी तरीके से सशक्त होकर काम कर रही है। - शैली
शिक्षा के साथ अतिरिक्त कार्य जरूर करें
लड़कियों को पढ़ाई के साथ एक अतिरिक्त काम भी करना चाहिए। सिलाई-कढ़ाई, फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर आदि का अतिरिक्त काम कर अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं। आत्मनिर्भर नारी ही समाज को नई दिशा दिखाती है। -आशिया
छात्राएं खुद को बनाएं मजबूत
छात्राओं को खुद को मजबूत बनाने की जरूरत है, जिससे विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर सकें। दूसरों के भरोसे रहने से नुकसान उठाने की संभावना रहती है। इसलिए खुद को इस लायक बनाएं, जिससे कठिन समय में लड़ सकें। -उमरा खान
शासन की योजनाओं का लाभ ले रही आधी आबादी
महिला सशक्तीकरण के लिए तमाम तरह की शासन ने योजनाओं को चला रखा है। उसका लाभ भी आधी आबादी को मिल रहा है। महिलाओं को हमेशा ही हेल्प लाइन नंबरों को लिखकर रखना चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर नंबर काम आ सकें। - आरफा
सशक्त हो चुकी हैं महिलाएं
अभी तक महिलाएं घर के अंदर घूंघट की ओट में रहकर परिवार को संभालती थीं। माहौल बदलने के बाद महिलाओं की जीवन शैली में बदलाव आया। वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। महिलाएं अब सशक्त हो चुकी हैं। - इजरा
रोल मॉडल बन चुकी आधी आबादी
महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया है। खेल, राजनीति, उद्योग आदि में महिलाओं ने अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है। महिलाओं को अबला कहना ठीक नहीं है। आधी आबादी का रुतबा कायम है। महिलाएं रोल मॉडल बन रही हैं। -फिजा
ग्रामीण महिलाओं को नहीं मिल रहा अधिकार
महिलाएं अपने अधिकार के प्रति जागरूक हैं। फिर भी ग्रामीण इलाकों की बहुत से महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं है। उनके अधिकार बताने के लिए शासन को मुहिम चलाने की जरूरत है। इससे ग्रामीण महिलाओं को लाभ मिल सके। -शैजीन
शाहजहांपुर के नेशनल गल्सज् इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बोलती म?- फोटो : SHAHJAHANPUR