शाहजहांपुर। अमृत योजना के तहत शहर में सीवर लाइन डालने के साथ ही मघई टोला स्थित अस्थायी गोशाला वाले स्थान पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम चल रहा है। योजना के तहत होने वाले कुल काम में अब तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। हालांकि कार्यदायी संस्था जल निगम के एक्सईएन सुनील कुमार का दावा है कि दिसंबर तक एसटीपी प्लांट का काम पूरा होने के साथ ही कुछ जगहों से सीवर लाइन को भी चालू कर दिया जाएगा।
एक्सईएन के मुताबिक प्लांट बनने के बाद घरों के किचन, बाथरूम व शौचालयों से निकलने वाले गंदे पानी को सीवर लाइन के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। इस पानी को फिल्टर करने के बाद नदियों में छोड़ा जाएगा। इससे न सिर्फ नदियों को प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा, बल्कि नालियों में बहने वाली गंदगी से भी राहत मिलेगी। जल निगम के दावे के बावजूद निर्माण की गति देखकर समय से पूरा होने में संदेह पैदा हो रहा है। योजना के तहत होने वाले काम को मार्च 2023 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया है। सिर्फ 30 फीसदी काम पूरा होने के बाद बचा हुआ 70 फीसदी काम दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
तीन अरब, 77 करोड़, 51 लाख, 48 हजार का बजट मंजूर
सीवर लाइन बिछाने व एसटीपी प्लांट के कार्य को पूरा करने के लिए शासन की ओर से 3 अरब, 77 करोड़, 51 लाख, 48 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है। शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसका काम जून 2021 में शुरू हो गया था। इसको अब लगभग एक साल पूरा होने वाला है।
सड़क खोदकर डाली जा रही सीवर लाइन
सीवर लाइन बिछाने के लिए गलियों में मजदूरों को लगाकर सड़कों को खोदा जा रहा है। मुख्य मार्गों पर गहराई तक खोदाई करने के लिए बड़ी मशीनों को लगाया है। कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों द्वारा सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की सही से मरम्मत नहीं कराने से लोगों को परेशानी हो रही है।
49 हजार घरों को दिया जाएगा सीवर लाइन कनेक्शन
सीवर लाइन के माध्यम से ही घरों व फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी, शौचालयों का अवशिष्ट को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के 49 हजार घरों में सीवर लाइन कनेक्शन देने की योजना है जोकि सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूरा होने के बाद दिए जाएंगे।
- 377 करोड़ 51 लाख 48 हजार रुपये का बजट हुआ था स्वीकृत
- जून 2021 से सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ
- योजना के तहत 30 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा सका अब तक