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केवल 29 फीसदी ही हो सका है मूल्यांकन

Thu, 09 Apr 2015 07:59 PM IST
शाहजहांपुर
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वित्तविहीन शिक्षकों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से बोर्ड परीक्षा की कापियाें का मूल्यांकन अभी भी उतना गति नहीं पकड़ रहा है, जितनी उम्मीद थी। बोर्ड ने बहिष्कार के चलते भले ही मूल्यांकन अवधि 20 अप्रैल तक बढ़ा दी हो, बावजूद इसके निर्धारित अवधि तक मूल्यांकन संपन्न होना संभव नहीं दिख रहा।  क्योंकि 11वें दिन तक हाई स्कूल का बमुश्किल 32 प्रतिशत तथा इंटर का 22 प्रतिशत मूल्यांकन ही हो सका है। स्थिति यह है कि इंटर मूल्यांकन केंद्र पर लगभग 500 परीक्षकों का टोटा बना हुआ है, जबकि हाई स्कूल केंद्राें पर भी करीब 300 परीक्षकों की जरूरत महसूस की जा रही है। एबी रिच इंटर कॉलेज पर हाई स्कूल मूल्यांकन में संस्कृत की नौ टोलियों के सापेक्ष मात्र तीन टोलियां ही संचालित हो रही हैं, इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि शिक्षकों का किस कदर अभाव है। इधर, शिक्षक विधायक (एमएलसी) डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने तीनों मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण कर शिक्षकों की समस्याएं सुनीं।
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एबी रिच इंटर कॉलेज केंद्र के उपनियंत्रक आरपी राम ने बताया कि उनके यहां 330 के सापेक्ष मात्र 148 परीक्षक ही मूल्यांकन कर रहे हैं, जिस कारण अभी तक 32 प्रतिशत मूल्यांकन ही हो सका है। इस्लामिया इंटर कॉलेज केंद्र के उप नियंत्रक आरिफ अली खां ने बताया कि उनके केंद्र पर करीब सवा सौ परीक्षकों की कमी है। अभी तक 33 फीसदी मूल्यांकन पूरा हुआ है। वहीं जीआईसी के उप नियंत्रक रणवीर सिंह ने बताया कि 886 परीक्षकों के सापेक्ष 376 ही मूल्यांकन कर रहे हैं, जिस कारण जैसे-तैसे 22 फीसदी मूल्यांकन ही पूरा हो सका है।
इधर, शिक्षक नेता एमएलसी डॉ. व्यस्त ने बृहस्पतिवार को तीनों मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण कर शिक्षकों की समस्याएं सुनकर उनसे मिले सहयोग के प्रति आभार भी जताया।
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