प्याज की लगातार कीमतें बढ़ने के बावजूद जमाखोरी और महंगाई पर अंकुश नहीं लगाए जाने से आज कांग्रेसी महिलाएं भड़क उठीं। उन्होंने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय को महिला कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर प्याज की कीमतों के साथ अन्य उपभोक्ता वस्तुओं पर छाई महंगाई को नियंत्रित करने की मांग की।
हाथ में प्याज की माला लेकर महिलाओं के साथ कलक्ट्रेट कैंपस पहुंचीं महिला कांग्रेस की कार्यकारी जिलाध्यक्ष शारदा थापा ने नारेबाजी के बीच कहा कि प्याज का संकट दक्षिण भारत में पैदावार कम होने से नहीं, बल्कि उसकी जमाखोरी को बढ़ावा मिलने से पैदा हो रहा है। तमाम पूंजीपतियों ने किसानों की फसल खेत में खरीदकर अपने गोदामों में डंप कर रखी है, लेकिन केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार इस ओर से आंखें फेरे जन सामान्य को प्याज के आंसू रुला रही है।
संगठन की प्रदेश सचिव सावित्री शर्मा ने कहा कि अच्छे दिन आने का वायदा करने वाली मोदी सरकार प्याज-रोटी खाकर दिन गुजारने वाले गरीब तबके के मजदूर पेशा लोगों का निवाला छीन रही है। सरकार ने आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए तो दिहाड़ी कमाने वालों के आगे भुखमरी का संकट पैदा हो जाएगा। ममता शर्मा ने कहा कि प्याज पर हावी महंगाई केंद्र सरकार की सत्ता से विदाई का रास्ता साफ करेंगी।
कांग्रेस नेत्री थापा ने एडीएम उपाध्याय को प्याज की माला भेंट की तो उन्होंने भी माना कि कीमत बढ़ने से मध्यवर्गीय परिवारों की रसोई से प्याज दूर हो चला है। उन्हें दिए ज्ञापन में कहा गया है कि प्याज की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें, जिससे कि आम जनता को राहत मिल सके। प्रदर्शन में वंदना सक्सेना, कुसुमलता कठेरिया, कामिनी कश्यप, मायावती, राममुखी, उमा कश्यप, धन देवी, विमला, चंदा, अर्चना आदि महिलाएं शामिल रहीं।