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बंदी के दिन शराब बेचते मां-बेटा गिरफ्तार

Tue, 14 Feb 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
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बंदी के दिन केरुगंज क्षेत्र में शराब बेच रहे मां-बेटे को चुनाव ड्यूटी पर आई दूसरे जिले की पुलिस ने पकड़ लिया। कोतवाली पुलिस ने माल बरामद कर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोतवाली से ही जमानत दे दी। विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए डीएम ने सोमवार शाम पांच बजे से ही देशी-अंग्रेजी शराब की दुकानें 15 फरवरी को मतदान के समय तक बंद करने के निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके कुछ लोगों ने दुकानों पर ताला लगाकर अलग-अलग स्थानों पर चोरी-छिपे शराब बेचनी शुरू कर दी। शराब बेचने वाले निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये भी ले रहे हैं। कुछ लोगों ने मामले की जानकारी आबकारी विभाग और कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन न तो आबकारी विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही कोतवाली पुलिस। जबकि कुछ दूरी पर पुलिस चौकी भी है। शिकायत करने वालों ने उधर से गुजर रहे उन पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी जो दूसरे जिलों से यहां चुनाव ड्यूटी करने आ रहे थे। इस पर पुलिस स्टाफ ने शराब बेचते हुए मोहल्ला दीवान जोगराज निवासी नेशू और उसकी मां सुनीता को पकड़ लिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस को सूचना करके दोनों को उनके सुपुर्द कर दिया। कोतवाली पुलिस ने उन्हें थाने से ही जमानत दे दी। कोतवाल केके चौधरी ने बताया कि केरूगंज तिराहे के पास शराब बेचते हुए दो लोगों को पकड़ा गया है। उनके पास से देशी शराब के 15 पौआ और 15,700 की नगदी बरामद हुई है। दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया। 
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जांच के नाम पर टाल गए आबकारी अधिकारी
बंदी के दिन शराब बिक्री के सवाल पर जिला आबकारी अधिकारी सतीश चंद्र ने बताया कि शराब बंदी के आदेश के साथ ही पुलिस शराब की दुकानों की चाबी कब्जे में ले लेती है। पकड़े गए लोग कहीं से शराब खरीदकर ले आए होंगे या पहले से ही खरीदकर रख ली होगी। वही बेच रहे होंगे। आबकारी अधिकारी से इस मामले की जांच की बात की गई तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि जितने अधिकार आबकारी पुलिस को हैं, उतने ही अधिकार सिविल पुलिस को भी हैं। 
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