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Shahjahanpur News: लाभार्थियों को भेजे गए नोटिस, एकाउंटेंट के बयान दर्ज, पटल सहायक गैरहाजिर रहे

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शाहजहांपुर का सीएमओ कार्यालय। संवाद
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शाहजहांपुर। चिकित्सा प्रतिपूर्ति में घोटाले के मामले में सोमवार को जांच शुरू कर दी गई। जांच कमेटी ने लाभ लेने वालाें को नोटिस जारी कर रुपये जमा करने के लिए कहा है। इस बीच एकाउंटेंट के बयान दर्ज किए गए। पटल सहायक मोहम्मद साजिद बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। जांच के दौरान मूल पत्रावली नहीं मिल सकी।
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विभाग में 30 लाख रुपये के चिकित्सा प्रतिपूर्ति घोटाला की जांच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर शुरू हुई थी। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ डाॅ. विवेक मिश्र को जांच कर सरकारी धन की रिकवरी के निर्देश दिए। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी।
शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते ठप रही जांच तीसरे दिन कार्यालय खुलने पर प्रारंभ हो गई। सीएमओ ने बताया कि लाभार्थियों को नोटिस भेजकर सात दिन के अंदर रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि रुपया नहीं देने पर आरसी की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जांच को आगे बढ़ाते हुए एकाउंटेंट के बयान दर्ज किए गए। इनके बयान के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि मूल पत्रावली किसके पास हैं। सीएमओ ने बताया कि मूल पत्रावली की तलाश की जा रही है।
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पटल सहायक बिना सूचना के गैरहाजिर
चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइले देखने वाले पटल सहायक मोहम्मद साजिद सोमवार को कार्यालय नहीं आए। सीएमओ ने बताया कि साजिद बिना सूचना के गैरहाजिर हैं। वह फोन भी नहीं उठा रहा है। ऐसे में जांच की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। साजिद अपने विवाह के चलते अवकाश पर गए थे। उनकी जगह पर दूसरे कर्मचारी को चार्ज दिया था। यहां बता दें कि तत्कालीन सीएमओ डॉ. आरके गौतम के समय भी साजिद का चार्ज हटाया गया था। तब सिफारिश कराकर उन्होंने दोबारा से चार्ज ग्रहण किया था।

कर्मचारियाें को जारी किए गए नोटिस
सीएमओ की ओर से गठित कमेटी ने बयान दर्ज कराने के लिए प्रधान सहायक संजय, पटल सहायक अश्वनी व मोहम्मद साजिद को नोटिस जारी किया है। नोटिस के बाद उनसे नियम के अनुसार जानकारी ली जाएगी।

चीफ फार्मासिस्ट ने भेजा पत्र, कहा-डॉक्टर ने आराम करना बताया
राजकीय मेडिकल कॉलेज में दवा चोरी के मामले में फंसे चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल भावलखेड़ा सीएचसी से एक दिन का अवकाश लेकर गए थे, लेकिन वह अब तक नहीं लौटे हैं। सीएचसी प्रभारी की ओर से नोटिस जारी होने पर उन्होंने स्पीड पोस्ट भेजकर बताया कि वह बीमार हैं और डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा है।
मेडिकल कॉलेज से हटाए जाने के बाद पुवायां सीएचसी में कार्यरत जेडी बंसल ने भावलखेड़ा सीएचसी पर खुद को संबद्ध करा लिया था। यहां से उनका घर भी नजदीक है। प्रभारी मंत्री के सामने दवा चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने फार्मासिस्ट जुबैर को निलंबित कर दिया था। उसके बाद से जेडी बंसल गैरहाजिर हैं।
भावलखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ.समीर ने बताया कि जेडी बंसल ने पत्र में उपचार चलने की बात बताई है। कहा कि जब उपस्थित होंगे, चिकित्सा प्रमाणपत्र उपलब्ध करा देंगे।
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