शाहजहांपुर। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत जनपद को 6365 का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन अभी तक मात्र 2434 ही नामांकन हो पाए हैं, जो 50 प्रतिशत भी नहीं हैं। हालांकि, अंतिम तिथि 15 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।
इंस्पायर अवार्ड के लिए प्रक्रिया जुलाई में शुरू हुई थी, जो 15 सितंबर तक चलनी थी। आवेदनों की संख्या काफी कम होने से इसकी अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद जिले में लक्ष्य के सापेक्ष कम आवेदन हुए हैं। इसको लेकर स्कूल शिक्षा की महानिदेशक ने नाराजगी भी जताई है। उन्होंने डीआईओएस व बीएसए को पत्र जारी कर लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन करवाने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश के बाद अब जिले में नोडल भी बनाया गया है।
विद्यार्थियों को ये मिलेगा लाभ
-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2008 में इंस्पायर अवार्ड योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत जिले में संचालित 6वीं से 10वीं तक के 1273 विद्यालयों के बच्चों से मौलिक विचारों और रोजमर्रा की समस्याओं को सुलझाने वाले आइडिया लिए जाने हैं, जिन बच्चों का आइडिया चयनित होगा। उसे 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। अगर वह आइडिया अगले चरण में शामिल होता है तो उन बच्चों को राष्ट्रपति पुरस्कृत करेंगे। उसे स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं को विदेश के वैज्ञानिक संस्थानों में भी जाने का मौका मिलेगा। इस योजना में प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पांच बच्चे का आइडिया लिया जाना है।
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत नामांकन की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास जारी है। सभी विद्यालयों को पांच नामांकन कराने का लक्ष्य दिया गया है। जिन विद्यालयों में एक भी नामांकन नहीं कराया है, उनसे जबाव मांगा जाएगा।
- हरिवंश कुमार, डीआईओएस