पुवायां। गन्ना किसान डिग्री कॉलेज में सेमल के पेड़ बिना प्रस्ताव के बेचे जाने के मामले में तीसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी गई। पेड़ों की कीमत के आकलन के लिए मूल्यांकन भी नहीं कराया गया।
पुवायां के गन्ना किसान डिग्री कॉलेज के एक प्रवक्ता ने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए और बिना किसी नीलामी के सेमल के नौ पेड़ ठेकेदार को बिक्री करने के बाद कटवा डाले थे। मामले की शिकायत कॉलेज की संयुक्त सचिव एसडीएम चित्रा निर्वाल और कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्रा से की गई। इसके बाद लकड़ी को सुपुर्दगी में दिया गया और जांच के नाम पर खेल शुरू कर दिया गया।
जिस प्रवक्ता ने पेड़ बेचे हैं, उन्होंने भी बचाव में जोर लगाना शुरू कर दिया। एसडीएम ने कहा था कि बेचे गए पेड़ों का वन विभाग की टीम से मूल्यांकन कराया जाएगा, लेकिन तीन दिन बाद भी वन विभाग को मूल्यांकन के लिए कोई पत्र नहीं भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया कि प्रवक्ता ने सेमल के नौ पेड़ केवल 80 हजार रुपये में बड़ागांव के ठेकेदार को बेचे हैं, जबकि पेड़ो का वास्तविक मूल्य बहुत ज्यादा है।
डीएम अध्यक्ष, सीडीओ सचिव...फिर भी कर दिया घपला
गन्ना किसान डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं। सीडीओ सचिव और एसडीएम संयुक्त सचिव हैं। जिला गन्ना अधिकारी के पास प्राचार्य का कार्यभार है, इसके बाद भी बिना प्रस्ताव और नीलामी के पेड़ न सिर्फ बेचे गए, बल्कि एक प्रवक्ता ने मौके पर खड़े होकर पेड़ कटवाए हैं।
बिना अनुमति और बिना नीलामी के सेमल के पेड़ बेचकर कटवाने के मामले में कार्यवाहक प्राचार्य को दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया है। जल्द ही कार्रवाई होगी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां
पेड़ कटवाने के मामले में कार्रवाई हर हाल में होगी। जांच चल रही है। इस संबंध में शुक्रवार को जानकारी दी जाएगी।
- जितेंद्र मिश्रा, डीसीओ (कार्यवाहक प्राचार्य गन्ना किसान डिग्री कॉलेज पुवायां)
सेमल के पेड़ काटे जाने के मामले में मूल्यांकन के लिए विभाग को कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही मूल्यांकन करा दिया जाएगा।
- वीरेश राव, रेंजर सिंधौली रेंज