शाहजहांपुर। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शाम से मध्यम गति से चली पछुआ हवा के कारण रात में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। सोमवार को सुबह सूर्योदय के बाद धुंध छटी तो धूप निकलने से सर्दी से बेहाल जनजीवन को थोड़ी राहत मिली, लेकिन सर्द पछुआ हवा के थपेड़े चलने से ठिठुरन कायम रही और इस कारण दिन में अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री घटकर 19.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। हालांकि, मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दिन में तेज धूप बनी रहने की दशा में अब कोहरा का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक बढ़ सकता है।
सुबह सूर्योदय से पहले तक वातावरण पर कुहासा की गाढ़ी परत छाई रही, लेकिन जैसे-जैसे सूरज निकला, उसके ताप से ही कोहरा घटने के साथ सूर्य किरणें प्रखर होती गईं। सुबह दस बजे तक आसमान धुंध से पूरी तरह साफ होने के साथ धूप तेज हो गई। इसी के साथ जनजीवन पटरी पर लौटने लगा और सड़कों से लेकर बाजारों तक लोगों की भीड़ दिखने लगी। दोपहर से पछुआ हवा की गति बढ़ी तो वातावरण में घुली 97 फीसदी आर्द्रता के कारण शीतलहर जैसा आभास होने लगा।
नतीजा यह हुआ कि शाम चार बजे के बाद से लोगों ने चहलकदमी रोककर फिर से घरों की ओर कदम बढ़ाने शुरू कर दिए। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वायुदाब में कमी के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा का बहाव कम नहीं हो रहा और इसीलिए दिन में धूप निकलने के बावजूद नम हवा ठिठुरन पैदा करती रही। उनका कहना है कि दिन में निकली तेज धूप के कारण आर्द्रता 19 प्रतिशत कम हो गई जो कि मंगलवार को सुबह घना कोहरा और धुंध में बदलकर सर्दी बढ़ा सकती है।