सीताराम मूल रूप से राजूपुर गांव के रहने वाले हैं। गोपालपुर ठिठौरा में उनकी बेटी ब्याही है, दामाद रामनिवास की गांव में धान की मशीन (पॉलिशर) है। सीताराम इसी पॉलिशर पर बृहस्पतिवार शाम को जाकर बैठ गए थे। रामनिवास के पॉलिशर के सामने ही उसके चाचा रामचंद्र का पॉलिशर है। पुलिस के अनुसार रात करीब पौने आठ बजे रामचंद्र नशे की हालत में सीताराम के पास पहुंचा और गालियां देने लगा। ऐतराज करने पर रामचंद्र भिड़ गया और तमंचा निकाल लिया। यह देखकर सीताराम का बेटा भूरे बचाने के लिए सामने आ गया और तमंचे से चलाई गई गोली उसके पेट में लग गई।
झगड़ा होता देखकर रामचंद्र के तीन बेटे अरुण कुमार उर्फ बबलू, अमित उर्फ छोटू और सुमित उर्फ ननकू धारदार हथियार लेकर आ गए और सीताराम के सिर पर वार कर दिया। घटना की सूचना पर वहां पहुंची पुलिस भूरे और सीताराम को सीएचसी लेकर आई। वहां भूरे को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सीताराम को भर्ती कर लिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया रामचंद्र और उसके तीनों बेटों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली गई है। वे चारों घटना के बाद फरार हो गए थे।