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फेंके गए महिलाओं के शव, हत्या का राज दफन

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शाहजहांपुर। पांच माह में दो महिलाओं और दो युवतियों के शव मिल चुके हैं। अपराधों पर अंकुश लगाने वाली पुलिस शवों की शिनाख्त कराने में कामयाब नहीं हो पाई है। लिहाजा हत्या का राज अभी तक दफन है। अब स्थिति यह है कि पुलिस ने पुराने मामलों को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पुलिस की इसी लापरवाही की वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वह जिले की सीमा में हत्या जैसी घटना कर भाग जाने में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बंडा और कांट में जो शव मिले, वह तो कई दिन पुराने थे, यानी पुलिस को शव पड़े होने की जानकारी ही काफी देर से हो पाई। ऐेसे में सड़ी-गली लाश बरामद करनी पड़ी।
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मिले शव, जिनकी नहीं हो पाई शिनाख्त
आठ फरवरी को कलान थाना क्षेत्र के गांव एतमादपुर चक के पास खाली खेत में एक महिला का शव बरामद किया गया। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। यहां भी पुलिस ने हत्यारों की सुरागरसी के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
30 जनवरी को थाना अल्हागंज क्षेत्र में सिद्धन की मड़ैया के पास एक महिला का शव बरामद किया गया था। पहचान छिपाने के लिए उसके सिर को ईंट से कुचला गया था। फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचा, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया।
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10 नवंबर 2019 को बंडा क्षेत्र के गांव गहलुइया में धर्म सिंह के धान के खेत में बंद बोरे के अंदर युवती का शव पुलिस ने बरामद किया। युवती की हत्या दो दिन पहले करके शव फेंका गया था। शिनाख्त कराने की कोशिश हुई लेकिन कोशिश बेकार गई।
27 अक्तूबर 2019 को कांट में मदनापुर रोड पर युवती का शव पुलिस ने रजाई में लिपटा हुआ बरामद किया। यह शव भी कई दिन पुराना बताया गया। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के लिए आसपास के जिले के थानों में संपर्क किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
महिलाओं और युवतियों के शवों की शिनाख्त के लिए आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया गया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। पुलिस टीमें लगीं हुईं हैं। कोशिश है कि जल्द ही कोई न कोई सुराग मिलेगा।
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- डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी
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