जलालाबाद पालिका दफ्तर परिसर में धरने पर बैठे सभासद व अन्य लोग। संवाद
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जलालाबाद। नगरपालिका द्वारा जलकर व गृहकर में की गई वृद्धि के विरोध के कारण मंगलवार को पालिका बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस वजह से पिछले बजट का अनुमोदन भी नहीं हो सका। कई सभासद बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए। नामित सभासद गौरव राघव तथा गोपाल द्विवेदी के नेतृत्व में पालिका प्रांगण में धरना देकर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
शनिवार को बुलाई गई पालिका बोर्ड की बैठक शुरू होते ही सभासदों ने इस मुद्दे को लेकर शोर-शराबा शुरू कर दिया। सभासद बैठक का बहिष्कार कर सभागार से बाहर निकल आए और धरना देना शुरू कर दिया। इस दौरान सभासदों ने बजट के उपभोग में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने और मनमाने टैक्स को वापस लिए जाने की मांग की।
हालांंकि, दो घंटे तक चले धरने के दौरान अधिशासी अधिकारी एचएन उपाध्याय ने सभासदों की मांग के मुताबिक उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च से 30 दिन आगे बढ़ा दी गई है। साथ ही करों में ज्यादा वृद्धि वापस लिए जाने के लिए शासन को पत्र भेजने का भी आश्वासन दिया। इस पर सभासदों ने धरना खत्म कर दिया। धरने में सभासद गिरिजेश कटियार, मनोज वाल्मीकि, मनोज अग्निहोत्री, आकाश गुप्ता, अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव, नरेश सिंह आदि शामिल रहे।