शाहजहांपुर। रोजा की मठिया कॉलोनी में प्रमुख मार्गों तथा गलियों में आबादी के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुुआ है। पानी का निकास न होने से जगह-जगह कीचड़ हो गई है। इसको लेकर लिखित प्रार्थना पत्र दिए जाने और आईजीआरएस पर शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि कई महीनों से स्वीकृत नाले का निर्माण भी रुका हुआ है।
मठिया कॉलोनी में सैकड़ों परिवार रहते हैं। इनमें कई लोग रेलवे के कर्मचारी हैं, तो व्यापारी, मजदूरी पेशा और खेती-बाड़ी करने वाले भी शामिल हैं। रोजा के नगर पंचायत होने पर मठिया कॉलोनी में सफाई, बिजली, पानी आदि की व्यवस्थाएं दुरुस्त रहती थीं। लेकिन जब से रोजा का नोटिफाइड एरिया व नगर पंचायत कुछ भाग नगर निगम में शामिल हुआ है। तब से मठिया कॉलोनी वालों की मुसीबत बढ़ गई। कॉलोनी वासियों ने बताया कि नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी कॉलोनी उनके क्षेत्र में नहीं आने की बात कहते हैं। तहसील व ब्लॉक के अधिकारी रोजा के नगर निगम में शामिल होने की बात कहकर समस्याओं की ओर से ध्यान नहीं दे रहे। इसका खामियाजा कॉलोनी वासियों को भुगतना पड़ रहा है।
आईजीआरएस पर की शिकायत, विभागों ने खड़े किए हाथ
अधिवक्ता श्यामाकुमार ने बताया कि सड़कों, गलियों और आबादी के आसपास कीचड़ बनी रहने, साफ-सफाई न होने, महीनों से स्वीकृत नाले का निर्माण दबंगों के दबाव में लंबित रखने, लगभग एक महीने से 100 मीटर लंबा एवं पांच फुट गहरा गड्ढा खोद कर छोड़ दिए जाने, गंभीर बीमारियों के फैलने तथा पीने के पानी के दूषित होने के संबंध में आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की गई। नगर निगम ने जवाब में कह दिया कि मठिया कॉलोनी नगर निगम के क्षेत्र से बाहर है।
अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की ओर से कहा कि संबंधित कार्य नगर निगम के द्वारा कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता जल निगम ने इसे अपने विभाग के कार्य क्षेत्र में होने से मना किया है। वहीं अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग, खंड विकास अधिकारी, ग्राम्य विकास विभाग, सहायक विकास अधिकारी पंचायती राज विभाग, जिला पंचायती राज अधिकारी समस्या के विभागीय दायित्वों से इनकार कर रहे हैं।
मठिया कॉलोनी नगर निगम क्षेत्र में नहीं आती है। दूसरे विभागों द्वारा नगर निगम से संबंधित बताया जाना गलत है। उनके पास कोई सबूत है तो उपलब्ध कराएं। नगर निगम क्षेत्र में शामिल कॉलोनियों में नियमित रूप से सफाई, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता है। - पवन कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर निगम