शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मंगलवार को मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट और प्रदेश सरकार के मध्य एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार की ओर से प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल व ट्रस्ट की ओर से स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने हस्ताक्षर किए।
स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर गत दिनों कैबिनेट में घोषणा की गई थी। घोषणा को पूर्ण करने की दिशा में लखनऊ में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा के कार्यालय में राज्य सरकार और मुमुक्षु आश्रम के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस दौरान विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव, उप सचिव उच्च शिक्षा रामजन्म सिंह, अनमोल सिंह, मुनेंद्र कुमार व मुमुक्षु आश्रम की ओर से ट्रस्ट के सचिव डाॅ. अवनीश कुमार मिश्रा, डाॅ. रामनिवास गुप्ता, रवि शंकर बाजपेयी व साकेत चतुर्वेदी मौजूद रहे।
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि स्वामी शुकदेवानंद महाराज ने शाहजहांपुर के शैक्षिक विकास के लिए जो सपना देखा था, वह साकार हो गया है। जिस प्रकार शाहजहांपुर के क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शाहजहांपुर का नाम दर्ज कराया उसी प्रकार आज विश्वविद्यालय की स्थापना से शाहजहांपुर का नाम विश्व स्तर पर संचालित शैक्षिक संस्थाओं की सूची में शामिल हो गया है।
1.08 अरब की संपत्ति उपलब्ध कराई
एमओयू पर हस्ताक्षर होने के साथ मुमुक्षु शिक्षा संकुल जल्द ही स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय के रूप में सामने आएगा। विश्वविद्यालय के लिए मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट की करीब एक अरब आठ करोड़ तीन लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति राज्य सरकार को उपलब्ध कराई गई है। स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि साठ वर्षों की लंबी यात्रा के बाद यह काॅलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाएगा।
नर्सरी से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई
ट्रस्ट के तहत स्वामी शुकदेवानंद काॅलेज, स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय, श्री दैवी सम्पद ब्रहृचर्य संस्कृत महाविद्यालय, स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कालेज और श्री शंकर मुमुक्ष विद्यापीठ संचालित हो रहे हैं। ये सभी स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में समहित हो जाएंगे। इसके बाद यह भारत का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जिसमें एनसी से लेकर पीएचडी तक शिक्षा की सुविधा एक ही कैंपस के अंतर्गत होगी।
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स्वामी शुकदेवानंद काॅलेज के प्राचार्य होने के नाते इससे बड़ा हर्ष का विषय नहीं हो सकता कि हमारा महाविद्यालय विश्वविद्यालय बन गया है। दृढ़ विश्वास है कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षित होकर निकले विद्यार्थी व्यक्तिगत जीवन, समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अपनी महती भूमिका अदा करेंगे।
- प्रो. आरके आजाद, प्राचार्य एसएस काॅलेज
एमओयू साइन करते स्वामी चिन्मयानंद व प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा। स्रोत: कॉलेज