बिना बताए घर से निकले थे बच्चे
सौरभ ने बताया कि उनका इकलौता नौ वर्षीय पुत्र मोनू बृहस्पतिवार को करीब पूर्वाह्न 11 बजे अपने साथियों के साथ बगैर किसी को बताए घर से निकल गया था। डूबने से बचे विपिन और कृष्णा ने बताया कि मोनू, शिवा और रेहान पानी में आगे थे, जबकि वे दोनों पीछे थे। आगे बढ़ रहे मोनू, शिवा और रेहान डूबने लगे तो पहले उन लोगों ने बचाने की कोशिश की।
जब वे भी डूबने लगे तो उन्होंने शोर मचाया। आसपास खेतों पर काम कर रहे कई लोग आ गए। उन्होंने उन लोगों को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन मोनू, रेहान और शिवा डूब गए। तब तक कई लोग गांव से भी आ गए। उन लोगों ने तीनों बच्चों को बाहर निकला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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मोनू तीन बहनों रौनक, गौरी और गंगा का इकलौता भाई था। बेटे की मौत से मां शिवानी, दादी कुसुम, बाबा सोनपाल और पिता सौरभ का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं शिवा के तीन भाई जयदेव, पवन व शनि हैं। शिवा नाना ओमकार के यहां आया था। शिवा के पिता विजय परिवार सहित राजस्थान में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गए थे। बेटे की मौत की सूचना पर गांव आए।
रेहान गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। उसका एक भाई अलताब और दो बहनें रेव और आलिया हैं। बकरीद के दिन बड़े बेटे की मौत से रुबीना और दादी मुनीशा बार-बार बेहोश हो रहीं हैं।