दूसरी ओर उसके साथी मजदूर सूरज ने बंदर के झपटने के बाद गिरने की बात पुलिस को बताई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शाम करीब साढ़े पांच बजे शव को घर ले जाते मृतक के परिजन ग्रामीणों के साथ हाईवे पर आ गए। महिलाओं के सड़क पर बैठने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तमाशबीनों को हटाने के लिए लाठियां भी फटकारीं। इस दौरान पुलिस की महिलाओं से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद थाना प्रभारी पवन पांडेय ने वार्ता की, लेकिन बात नहीं बन सकी।
सीओ तिलहर प्रयांक जैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब करीब 35 मिनट के बाद जाम खोला गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली भी थाने में खड़ी करा ली है।
पुलिस की कार्यप्रणाली से खफा हुए परिजन
अर्जुन के परिजन पुलिस की कार्यशैली से काफी ज्यादा खफा हैं। मृतक के पिता पुत्तूलाल ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पुलिस ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। पुलिस सीएचसी, थाने व राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजने की बात कहते हुए टालती रही। जिस वाहन से उनके परिवार को पोस्टमार्टम पर भेजा, वह भी काफी धीमी गति से लाया गया। पुत्तूलाल ने बताया कि बेटे की मौत की जानकारी गांव के एक दूध बेचने वाले व्यक्ति से मिली।
अगले साल होनी थी अर्जुन की शादी
पुत्तूलाल के तीन बेटे व दो बेटियां हैं। अर्जुन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी के लिए मां रामबेटी तैयारी कर रही थी। पुत्तूलाल ने उसकी शादी अगले साल के लिए टाल दी थी। बेटे की मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।