मिर्जापुर। प्रशासन को चकमा देकर माफिया बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे हैं और अफसर इस ओर से मुंह फेरे हुए हैं। मिर्जापुर में ढाईघाट पर पाबंदी के बावजूद गंगा से जेसीबी से अवैध खनन किया जा रहा है। माफिया इतने शातिर हैं कि वे अवैध धंधे को वैध दिखाने के लिए उत्तराखंड के हल्द्वानी की एक कंपनी की रसीद तक जारी कर रहे हैं, जिसकी बदौलत जिले में रेता की सप्लाई हो रही है। मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम ने अवैध खनन की जांच शुरू करा दी है, जिससे माफिया में खलबली मच गई है।
शाहजहांपुर-फर्रूखाबाद जिले की सीमा पर ढाईघाट में लंबे समय से रेत का अवैध खनन हो रहा है। यहां अवैध खनन करने वालों ने वायरलेस सेट, इलेक्ट्रॉनिक धर्म कांटा और कई जेसीबी मशीनें खनन कार्य में लगा रखी हैं। यहां खनन करने वाले लोग खनन पट्टा होने का दावा करते हुए लगातार रेत निकासी कर रहे हैं, जबकि शासन की ओर से नदियों से रेत खनन पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है।
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लिखी दे रहे रसीद
मिर्जापुर में ढाई घाट पर बड़े पैमाने पर गंगा नदी से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। रेत खनन कर बेचने वाले भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ की रसीद भी दे रहे हैं। जिस पर फर्रुखाबाद से खनन कर शाहजहांपुर लाना दिखाया जा रहा है। रसीद पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन चालक का नाम, समय और स्थान भी अंकित है, लेकिन रसीद में रेत की रायल्टी दर अंकित नहीं की जाती है। ये रसीद हल्द्वानी की एक कंपनी के नाम से जारी की जा रही है।
पट्टे की जमीनों पर भट्ठा मालिक ने बनाए तालाब
मिर्जापुर, पृथ्वीपुर-ढाई, नरसुइया, थरिया, शेरपुर कर्रिया आदि ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति के लोगों को जीवन निर्वाहन के लिए सरकार से मिली कृषि भूमि के पट्टों से भट्ठा मालिक बिना अनुमति खनन करवा रहे हैं। इससे बदायूं रोड पर गांव खेड़ा से सौनेक की ओर जाने वाले मार्ग के आसपास 20-20 फुट गहरे तालाब बन गए हैं। मिर्जापुर के भट्ठा मालिक वीपी सिंह ने बताया कि ईंट पथाई के लिए खरीदी गई जमीन की रायल्टी जमा करने के बाद एक मीटर गहराई तक मिट्टी का खनन किया जा सकता है।
- भट्ठों की ओर से की जा रही मिट्टी खनन की जांच चल रही है। भट्ठों के लिए निर्गत लाइसेंस पर ही मिट्टी खनन के नियम दर्ज होते हैं। भट्ठा मालिक ही खनन के नियम भली प्रकार बता सकते हैं। - रमेश बाबू, एसडीएम कलान