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मेडिकल कॉलेज : आराम फरमा रहे गार्ड...यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में उमड़ी भीड़ और गायब सुरक्षा कर्मी। संवाद
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शाहजहांपुर। पीलीभीत में सीटी स्कैन कक्ष में छात्रा की हत्या की घटना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज का सिस्टम में बदलाव नजर नहीं आया। सुरक्षा के नाम पर पुलिस चौकी और गार्ड तो हैं, लेकिन ओपीडी, ट्रॉमा और वार्डों में उनकी मौजूदगी काफी कम रहती है। बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई तो स्थिति सामने आई।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में अक्सर चोरी की वारदात होती रहतीं हैं। अक्सर बाइकें चोरी हो जाती हैं तो कई बार पूर्व में कॉलोनी में चोरी हो चुकी है। दोपहर करीब 12 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन गेट से वाहन अंदर नहीं जा सकते, लेकिन पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। यहां पर निगरानी या सुरक्षा शून्य है। बाहरी लोग और अराजक तत्व भी आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। उसके बाद नहर मार्ग से होते हुए वैकल्पिक गेट पर तीन सुरक्षा गार्ड तैनात मिले, लेकिन वे अंदर जाने वालों से पूछताछ नहीं करते। नई इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर के अंदर पहुंचने पर मरीजों की भीड़ लगी थी। मरीज बेंच और स्ट्रेचर पर लेटे थे। इस पूरे परिसर में कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। इमरजेंसी में सुरक्षा के नाम पर कार्यरत गार्ड बाहर पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहे थे।
ओपीडी पहुंचने पर डॉक्टरों के चैंबरों के बाहर मरीजों की लाइन लगी थी। निचले तल पर कोई भी गार्ड नजर नहीं आया। यहां एक युवक अपनी दवा कंपनी का प्रचार कर रहा था। लोगों ने जाकर सुरक्षा गार्ड को सूचना दी। तब दो गार्ड आए। उनमें से एक गार्ड युवक को सीएमएस के पास लेकर गया। इसी परिसर के दूसरे तल पर आंख, नाक, कान-गला, मानसिक रोग विभाग की ओपीडी होती है। दूसरे तल पर भी कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। अक्सर मरीजों के पर्स चोरी होने के साथ ही जेब भी कट जाती है। उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संवाद
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नए भवन में फोन पर रेसिपी देखते मिली महिला गार्ड
मेडिकल कॉलेज के नए भवन में महिला अस्पताल, बाल रोग विभाग और स्त्री रोग की ओपीडी संचालित होती है। दोपहर साढ़े 12 बजे पहुंचने पर यहां पर महिला अस्पताल के सामने ही महिला गार्ड तैनात थी। वह महिला अस्पताल में आने-जाने वालों पर नजर रखने की बजाय मोबाइल में खाना बनाने की रेसिपी देख रही थी। दूसरी मंजिल पर महिला रोग विभाग की ओपीडी में महिला रोगियों की लाइन लगी थी। यहां पर एकमात्र महिला गार्ड तैनात मिली, जो भीड़ के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।

पहले हो चुकीं घटनाएं
1. 27 अक्तूबर 2025 को मेडिकल कॉलेज में एक महिला तीमारदार से आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी ने दुष्कर्म किया था।
2. चार फरवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से गिरकर एक मरीज की मौत हो गई थी।

मेडिकल कॉलेज में 46 सुरक्षा कर्मी हैं। इसमें चार महिला गार्ड हैं, जो निगरानी करते हैं। पर्याप्त सीसी कैमरे भी लगे हैं। पुलिस चौकी के सिपाही भी भ्रमण करते रहते हैं।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज

राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में उमड़ी भीड़ और गायब सुरक्षा कर्मी। संवाद

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