मिड-डे मील की निदेशक श्रद्घा मिश्रा के गर्मियों के अवकाश में विद्यालयों में मिड-डे मील बनवाने के आदेश के पहले दिन ही जिले के अधिकांश विद्यालयों में एमडीएम नहीं बनाया जा सका। इससे शिक्षकों, रसोइयों और बच्चों में सारे दिन ऊहापोह की स्थिति बनी रही। प्राथमिक शिक्षक संघ और उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस आदेश को मानने के लिए सिरे से नकार दिया है, जबकि जूनियर शिक्षक ने इस आदेश को सशर्त स्वीकार करने की बात कही है।
नगर सहित जिले के अधिकांश स्कूलों में कहीं छात्र-छात्राएं नहीं पहुंचे तो कहीं शिक्षकों ने जाने की जहमत नहीं उठाई। इससे अधिकांश विद्यालयों में ताला लटका रहा, जिन विद्यालयों में कुछ एक बच्चे आए भी तो उन्हें शिक्षकों ने समझाकर घर लौटा दिया।
प्राथमिक शिक्षक संघ का विरोध जारी
प्राथमिक शिक्षक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि इस आदेश के विरोध में बेसिक शिक्षा निदेशक से संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी मिले हैं। साथ ही इस काम में शिक्षकों को शामिल न किए जाने की मांग की। वहीं, उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नफीस खां ने ग्रीष्मावकाश में इस योजना को लागू किए जाने की कठिनाइयों से अवगत कराते हुए बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा।
शिक्षकों को दंड से मुक्त रखा जाए
जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जागेश पाली और महामंत्री विश्राम सिंह ने बीएसए को एक ज्ञापन दिया। कहा, ग्रीष्म अवकाश के दिनों में छात्र उपस्थिति कम होने पर शिक्षकों को दंडित न किया जाए। साथ ही अवकाश के दिनों में काम करने के बदले अवकाश सामूहिक रूप से कार्यालय के द्वारा स्वीकृत किया जाए।