रोजाना नौ घंटे की बिजली कटौती से परेशान शहरी इलाके के लोगों पर आधी रात के दौरान थोपी जाने वाली बिजली कटौती के खिलाफ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता शहर अध्यक्ष तसलीम लगारी के नेतृत्व में शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर खूब गरजे। बाद में डीएम के नाम ज्ञापन देकर बिजली सप्लाई में सुधार की मांग की।
प्रदर्शन के लिए संगठन से जुड़े कार्यकर्ता बाबूजई के कैंप कार्यालय पर जमा हुए। वहां से बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिशन स्कूल तिराहा, बेरी चौकी, अंटा चौराहा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां भी कार्यकर्ताओं ने अफसरों का ध्यानाकर्षण करते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी को डीएम के नाम ज्ञापन देकर आधी रात के दौरान होने वाली बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के दौर में नौ घंटे की नियमित कटौती के बावजूद रात में दस बजे के बाद होने वाली दो-तीन घंटे की आपात कटौती जन सामान्य के लिए असहनीय हो गई है। रात में अंधेरा होने के कारण लोगों को आपराधिक घटनाओं का डर सताता है। ज्ञापन में बंगश मोहल्ले की गलियों में नई लाइनें डालने की मांग भी दोहराई गई है। प्रदर्शन में शारिक खां, फैजान जमाल, मुस्तकीम, आमिर खां, फूल मियां, रिजवान, अतीकउररहमान आदि शामिल रहे।
तीन घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा शहर
शाहजहांपुर। पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने बृहस्पतिवार की रात शहर के लोगों पर तीन घंटे की आपात कटौती थोपकर जन सामान्य को सताने में कोई कसर नहीं बाकी रही। लोग-बाग खाना खाकर बिस्तरों पर भी नहीं जा पाए कि रात पौने दस बजे शहर के सभी फीडर बंद करके पैना सब स्टेशन से आपात कटौती लागू कर दी गई। तीन घंटे तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। रात करीब एक बजे बिजली आई, लेकिन तब तक ज्यादातर लोग कमरों से बिस्तर छोड़कर छतों पर जा चुके थे। बाकी समय मच्छरों से जूझते बीत गया और इस वजह से लोग चैन की नींद नहीं ले पाए।