शाहजहांपुर। मदरसा शिक्षा परिषद से संचालित मुंशी, मौलवी व आलिम की परीक्षा नौ फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षा के लिए शहर में दो और तिलहर में एक केंद्र बना दिया गया जबकि पुवायां में केंद्र नहीं बनाया गया। ऐसे में खुटार के विद्यार्थियों को 70 किलोमीटर दूर परीक्षा देने के लिए जाना पड़ेगा। इसे लेकर मदरसा संचालकों में काफी रोष है।
मदरसा बोर्ड की सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी परीक्षा नौ से 14 फरवरी तक होगी। परीक्षा के लिए नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज, एजेड खान इंटर कॉलेज व आरएवीएम इंटर कॉलेज, तिलहर को केंद्र बनाया गया है। पुवायां तहसील के विद्यार्थियों के लिए केंद्र नहीं बनाया गया। ऐसे में खुटार के विद्यार्थियों को 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा।
इसी तरह कोरोकुइयां, चांदा गांवों आदि के विद्यार्थियों को लंबी दूरी तय करना पड़ेगी। मदरसा संचालकों के अनुसार, खुटार से तिलहर के लिए सीधा रास्ता नहीं है। विद्यार्थी पहले शाहजहांपुर से तिलहर जाएं, अन्यथा पुवायां से निगोही होते हुए तिलहर जाना पड़ेगा। इसी तरह अल्हागंज, कलान, जलालाबाद और कलान के परीक्षार्थियों का केंद्र शहर में डाला गया है।
केंद्र व्यवस्थापक व सह केंद्र व्यवस्थापक को दी जिम्मेदारी
नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य शाइस्ता नसीम को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। सह केंद्र व्यवस्थापक मदरसा दीनियात तालीमुल कुरआन पक्का कटरा तिलहर के प्रधानाचार्य आमिर खां को बनाया गया है। यहां पहली पाली में 320 और दूसरी पाली में 51 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसी तरह एजेड खान कॉलेज में प्रधानाचार्य सैयद अहसान जलील केंद्र व्यवस्थापक व मदरसा रहमानिया के प्रधानाचार्य इमरान रजा सह केंद्र व्यवस्थापक हैं।
प्रथम पाली में 282 और दूसरी में 94 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। आरवीएम इंटर कॉलेज में प्रधानाचर्य रत्नेश कुमार को केंद्र व्यवस्थापक व मदरसा एनुल इल्म महमंद हद्दफ के प्रधानाचार्य जावेद अख्तर को सह केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। यहां पर 285 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
केंद्रों की समीक्षा के दौरान 200 से कम परीक्षार्थी होने पर प्रदेश स्तर से पुवायां का केंद्र निरस्त कर दिया गया। पुवायां में प्रस्तावित केंद्र को परिषद से नहीं बनाया गया है। जबकि शहर में दो व तिलहर में एक केंद्र बनाया गया है।
-रोहित सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
केंद्रों की दूरी अधिक होने से परीक्षार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। अधिकतर की परीक्षा छूटने की संभावना है। दूरी अधिक होने के कारण अभिभावक भी भेजने से कतराते हैं।
- इब्ने अली, प्रधानाचार्य-मदरसा उस्मानिया फैजुल उलूम चांदा