शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली मोड़ के आगे बाइपास वाले गर्रा पुल पर मंगलवार सुबह सीएनजी ट्रक और 20 टायरा ट्रक आमने-सामने टकरा जाने से जाम लग गया। करीब छह घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगे रहने से पुल के दोनों ओर करीब छह किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी के जरिए दोनों ट्रकों को किनारे करवाकर बमुश्किल जाम खुलवाया।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे लखनऊ की ओर से सीएनजी के सिलिंडर लेकर आ रहा ट्रक जैसे ही गर्रा पुल के बीच पहुंचा, बरेली की ओर से जा रहे 20 टायरा ट्रक उससे टकरा गया। हादसे में सीएनजी वाले ट्रक का चालक घायल हो गया। सूचना पर पहुंची अजीजगंज पुलिस चौकी के सिपाहियों ने घायल ट्रक चालक को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया, लेकिन पुल से दोनों ट्रक हटाने के लिए उस वक्त कोई जेसीबी नहीं मिल सकी।
इस कारण पुल पर टक्कर के बाद दोनों ट्रक आड़े-तिरछे हो जाने से हाईवे पर दोनों ओर जाम लगने लगा। कुछ ही देर में पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुल के एक ओर बरेली मोड़ चौराहे तक और दूसरी तरफ हरदोई बाइपास चौराहे तक वाहनों के पहिए थम गए। जाम में कई रोडवेज बसें और तमाम निजी यात्री वाहन फंस गए। दिन में 11 बजे के बाद तक जाम लगे रहने से बसों में सवार यात्री विशेषकर महिलाएं व बच्चे भूख-प्यास से बेहाल हो गए।
बाद में जाम खुलवाने पहुंची अजीजगंज चौकी पुलिस और थाना रामचंद्र मिशन पुलिस ने काफी मशक्कत कर पुल तक जेसीबी ले जाने की जगह बनाई। दोनों ट्रकों को पुलिस ने 11.30 बजे जेसीबी से हाईवे के किनारे कराया। तब कहीं जाकर धीरे-धीरे वाहनों का संचालन शुरू हो सका। इसके बाद भी अपराह्न 2:30 बजे तक हाईवे की दोनों दिशाओं में सिर्फ एक-एक लेन पर यातायात शुरू हो सका। शाम तीन बजे के बाद चारों लेन पर यातायात शुरू हो सका।
गर्रा, खन्नौत पुल पर एकल संचालन से अक्सर लग रहा जाम
हाईवे के बाइपास वाले गर्रा व खन्नौत पुलों पर एक सप्ताह से पत्थरों के अवरोध लगाकर वहां सिर्फ एक लेन से वाहनों को निकाला जा रहा है। डबल लेन वाले इन पुलों एकल यातायात संचालन कराए जाने से वहां आए दिन जाम लग रहा है। हालांकि, पूर्व में खन्नौत पुल की दोनों लेन से वाहनों को गुजारा जा रहा था। उधर, एक सप्ताह से दोनों पुलों पर एकल संचालन ही कराया जा रहा है। इस वजह से रात में अंधेरे की वजह से भारी वाहन या पुलों पर आकर या तो आपस में टकरा जाते हैं या फिर आमने-सामने आ जाने की वजह से निकल नहीं पाते हैं। गत दो मई की रात करीब 12 बजे इसी वजह से हाईवे के गर्रा पुल करीब चार घंटे तक जाम लगा रहा।
सिलिंडर सुरक्षित रहने से टल गया बड़ा हादसा
यह गनीमत रही कि पुल पर ट्रकों की टक्कर होने के बाद सीएनजी ट्रक पर लोड ज्वलनशील गैस के सिलिंडर सुरक्षित रहे। यदि किसी ट्रक में आग लग जाती या फिर किसी सिलिंडर में विस्फोट हो जाता तो पुल पर भीषण अग्निकांड की चपेट में आसपास खड़े अन्य वाहन भी आ जाते। पुलिस भी मानती है कि ऐसी स्थिति में कोई बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
पुराने गर्रा पुल और केरूगंज होकर निकले छोटे वाहन
गर्रा पुल पर जाम लगने के दौरान बरेली से लखनऊ की ओर जाने वाले तमाम छोटे चार पहिया वाहन बरेली मोड़ से शहर की ओर मुड़कर राजघाट के पुराने गर्रा पुल और केरूगंज होकर हरदोई मोड़ बाइपास से आगे निकले। इसी तरह हरदोई बाइपास पर जाम में फंसे बरेली की ओर जाने वाले तमाम कार चालक और मिनी ट्रक वाले इसी रास्ते से होकर बरेली मोड़ पहुंचे। खास यह है कि यह वैकल्पिक रास्ता उन्हीं लोगों ने अपनाया, जिन्हें पहले से शहर की भौगोलिक जानकारी थी।
शाहजहांपुर में लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर क्षतिग्रस्त खड़ा ट्रक। संवाद
शाहजहांपुर में लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर क्षतिग्रस्त खड़ा ट्रक। संवाद