जलालाबाद विधान सभा के सपा प्रत्याशी नीरज कुशवाहा।
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जलालाबाद। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लहर के बावजूद जलालाबाद विधानसभा सीट पर कमल नहीं खिल सका था। अब तक किसी भी विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां जीत न सकी है। ऐसे में जलालाबाद सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। वहीं उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी को उम्मीद है कि इस बार भी उसका विजय रथ नहीं रुकेगा।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मनोज कश्यप को प्रत्याशी बनाया था। मनोज कश्यप सपा के प्रत्याशी शरदवीर सिंह से चुनाव हार गए थे। 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव लगातार जीत चुके बसपा प्रत्याशी नीरज मौर्य तीसरे स्थान पर रहे थे। चुनाव हारने के बाद नीरज मौर्य भाजपा में शामिल हो गए। जबकि मनोज कश्यप का असमय निधन हो गया। 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीरज मौर्य भाजपा के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा ने वर्तमान विधायक शरदवीर सिंह का टिकट काटकर नीरज मौर्य को दे दिया। इस उलटफेर के बाद शरदवीर सिंह भाजपा में शामिल हो गए और प्रत्याशी हरिप्रकाश वर्मा के पक्ष में अपनी पूरी प्रतिष्ठा लगा दी।
हरिप्रकाश वर्मा का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के हर बूथ पर भाजपा को बंपर वोट मिला है। जलालाबाद के साथ ही अल्हागंज, कलान, मिर्जापुर में जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। नीरज तीन ब्लाकों में मिले बंपर वोट की बदौलत अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। अनिरुद्ध कहते हैं कि उन्हें कश्यप समाज व अन्य बिरादरियों का भारी समर्थन मिला है। जीत पक्की है। कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत कौर कहती हैं कि कलान क्षेत्र से मिलने वाली बढ़त काफी मजबूती देगी।
प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक 14 फरवरी को जलालाबाद सीट पर 58.95 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस क्षेत्र में 121551 पुरुषों (59.96 प्रतिशत) और 94594 महिलाओं (57.72 प्रतिशत) समेत अन्य श्रेणी के एक व्यक्ति ने मतदान किया था।
जलालाबाद विधान सभा के बसपा प्रत्याशी अनिरुद्ध यादव।- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद विधान सभा की कांग्रेस प्रत्याशी गुरुमीत सिंह कौर ।- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद विधान सभा के भाजपा प्रत्याशी हरिप्रकाश वर्मा ।- फोटो : SHAHJAHANPUR