शाहजहांपुर। मंडल के पीलीभीत, बदायूं और बरेली के साथ शाहजहांपुर के एक-एक वार्ड में 24 घंटे जलापूर्ति की योजना बनाई गई थी। लोकसभा चुनाव के बाद अब इसे धरातल पर उतारने के लिए हरी झंडी मिल गई है।
योजना के तहत वार्ड नंबर पांच लोदीपुर को चुना गया है। यहां अभी तक घर-घर जल पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। नगर निगम की ओर से वार्ड में लगवाए गए इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। कई हैंडपंप से गंदा पानी आता है। ऐसे में अधिकांश लोगों ने अपने घरों में ही हैंडपंप या सबमर्सिबल की बोरिंग करवा रखी है। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जो ये दोनों सुविधाएं लेने में असमर्थ हैं और इंडिया मार्का हैंडपंप के भरोसे पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं।
इसी को ध्यान में रखकर नगर निगम ने वर्ष 2023 में ही लोदीपुर के निवासियों के लिए 24 घंटे जलापूर्ति उपलब्ध कराए जाने की योजना पर विचार किया था। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया था। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अमृत योजना के दूसरे चरण के तहत इसके लिए दोबारा टेंडर मांगे गए, जिसकी प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के बाद पूरी करके योजना को धरातल पर उतारने का काम शुरू होगा।
करीब 3500 परिवारों को मिलेगा लाभ
-इस योजना का लाभ लोदीपुर के करीब 3500 परिवारों को मिलेगा। इसके तहत वार्ड में एक अलग ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा। जलापूर्ति के लिए नई पाइप लाइन डाली जाएगी। यह क्षेत्र खन्नौत नदी के दूसरी ओर होने के कारण अब तक घर-घर पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति की सुविधा नहीं पहुंच पा रही है।
इस्राइल की तकनीकी का होगा प्रयोग, लगेंगे मीटर
- 24 घंटे जलापूर्ति के लिए इस्राइल की तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इसमें पानी की बर्बादी रोकने के लिए आपूर्ति शुरू होने के बाद हर घर में मीटर लगाए जाएंगे, जिसका हर माह बिल आएगा। इस वजह से लोग अपनी जरूरत के मुताबिक ही पानी का इस्तेमाल करेंगे।
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पीवीसी की जगह एचडीपीई के पाइप डाले जाएंगे
-कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से इस योजना को मूर्तरूप देने के लिए पीवीसी की जगह हाई डेस्टिनी पॉली एथिलीन (एचडीपीई) के पाइप बिछाए जाएंगे। जिले के एक वार्ड में काम पूरा होने के बाद इसे बाकी वार्डों में भी लागू किए जाने की योजना है। इसके लिए पहले से अधूरी पड़ी पानी की लाइनों को जोड़कर और घरों में कनेक्शन देकर इसकी शुरुआत की जाएगी।
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इलेक्ट्रो फ्यूजन से जुड़ेंगे कनेक्शन
इस्राइल की तरह इलेक्ट्रो फ्यूजन तकनीकी से एचडीपीई पाइप को जोड़ा जाएगा। गोल फ्यूज में पाइप के दो छोर को डालकर उसके ऊपर बनाए बिजली के सॉकेट में तार लगाए जाएंगे। इसके जरिये अंदर से दोनों पाइप आपस में जुड़ जाएंगे। पानी लीक होने का भी डर नहीं होगा। पीवीसी पाइप में सॉकेट से लीकेज की परेशानी रहती है।
योजना पर पहले विचार किया गया था और टेंडर मांगे गए थे, लेकिन कम बजट के कारण टेंडर नहीं हो सका था। दोबारा टेंडर मांगे गए हैं, जोकि आचार संहिता के बाद खोले जाएंगे। करीब 10 करोड़ रुपये का बजट लोदीपुर वार्ड में योजना को स्थापित करने में लागत आएगी। बजट स्वीकृत हो चुका है।
- कपिल एम. सिंह, एक्सईएन, जल निगम