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शाहजहांपुर: एंबुलेंस से मरीज ले जाने की आड़ में शराब तस्करी, पांच गिरफ्तार, 71 पेटी बरामद 

Thu, 05 Aug 2021 04:58 PM IST
सुशील कुमार कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

एंबुलेंस में बैठे सतीश और दिनेश निवासी ग्राम भदाना थाना सदर जिला सोनीपत, हरियाणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एंबुलेंस के साथ चल रही एक बोलेरो कार को भी पुलिस ने रोककर तलाशी ली तो उसमें नौ पेटी शराब मिली। 
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एंबुलेंस से मरीज ले जाने की आड़ में शराब तस्करी, पांच गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर में एंबुलेंस से मरीज ले जाने की आड़ में शराब तस्करी कर रहे पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पुलिस को 71 पेटी शराब बरामद हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

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एसओजी टीम और सदर बाजार थाने की पुलिस को मुखबिर से शराब तस्करी की सूचना मिली थी। पुलिस ने पुवायां रोड पर निगोही बाइपास पर घेराबंदी कर ली। बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे एक एंबुलेंस को शक के आधार पर रोका। एंबुलेंस की चेकिंग में उसमें 62 पेटी शराब बरामद हुई। 

एंबुलेंस में बैठे सतीश और दिनेश निवासी ग्राम भदाना थाना सदर जिला सोनीपत, हरियाणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एंबुलेंस के साथ चल रही एक बोलेरो कार को भी पुलिस ने रोककर तलाशी ली तो उसमें नौ पेटी शराब मिली। 
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पुलिस ने बोलेरो में बैठे विक्रम निवासी राजपुर थाना बढ़ी जनपद सोनीपत, बलवान सिंह निवासी 128/17 बी वार्ड-24 हरिनगर कालोनी थाना मॉडल टाउन, पानीपत और यदुवीर निवासी रवाण्डा थाना खरखौदा जिला सोनीपत, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 338 फर्जी बारकोड, दो तमंचे, कारतूस और चाकू बरामद हुआ। सभी के खिलाफ थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

एंबुलेंस में मरीज होने का करते थे दिखावा
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन लोगों ने एक साथ मिलकर यह एंबुलेंस तैयार की है। इस पर लगी नंबर प्लेट फर्जी है। एंबुलेंस का इस्तेमाल शराब की अवैध तस्करी में करते थे। जहां शराब बेचने जाते थे वहीं आसपास के किसी जिले की फर्जी नंबर प्लेट एंबुलेंस में लगा लेते थे। एंबुलेंस में लाल-नीली बत्ती जलाकर और गाड़ी के हरे पर्दे बंद कर लेते थे ताकि पुलिस को लगे कि एंबुलेंस में मरीज जा रहा है। एंबुलेंस को जल्दी पुलिस वाले न रोकते हैं और न चेक करते हैं। इसी का फायदा उठाकर लंबे समय से तस्करी कर रहे थे।

मेन रोड की जगह लिंक रोड से तस्करी
एंबुलेंस के साथ-साथ दूसरी बोलेरो गाड़ी भी चलती थी, जिसमें कुछ शराब सैंपल पार्टी को दिखाने के लिए रख लेते थे। दिक्कत से निपटने के लिए तमंचा और चाकू भी साथ रखते थे। शराब की बोतल में फर्जी बारकोड लगा देते थे ताकि खरीदने वाली पार्टी को लगे कि शराब अच्छी गुणवत्ता की है। इससे शराब के अच्छे दाम मिल जाते थे। तस्करी के लिए मेन रोड की जगह लिंक रोड पकड़ते थे जहां चेकिंग कम होती है। शराब को हरियाणा से बिहार लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में पुलिस ने पकड़ लिया।

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