शाहजहांपुर। न्यूनतम मजदूरी न देने पर सहायक श्रमायुक्त ने सदर बाजार स्थित वी-मार्ट प्रबंधक से 31 लाख 35 हजार 865 रुपये की भू-राजस्व की भांति वसूली करने के आदेश दिए हैं। कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त के बैंक खाते में जमा कराने के लिए कलेक्टर/प्रभारी अधिकारी संग्रह को वसूली पत्र भेजा है।
लोधीपुर के रहने वाले अजय कुमार अग्निहोत्री ने सदर बाजार क्षेत्र के पंखी चौराहे पर स्थित वी-मार्ट रिटेल लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर गोकुल स्वाइन समेत अन्य के खिलाफ नियत प्राधिकारी अंतर न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 एवं सहायक श्रमायुक्त के यहां वाद दायर किया था। अजय कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि उसकी नियुक्ति सीएसए के पद पर 18000-26000 के न्यूनतम बेसिक पे के आधार पर की गई थी।
वी-मार्ट ने उसे निर्धारित मिनिमम वेतन से काफी कम वेतन भुगतान कर उसका निरंतर शोषण किया। पूरा वेतन मांगने पर उसे 30 जनवरी 2021 को नौकरी से निकाल दिया गया। उसने बकाया वेतन भुगतान के लिए नियत प्राधिकारी अंतर न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के यहां वाद प्रस्तुत किया। विपक्षी को नोटिस जारी किया गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। इसके बाद एकपक्षीय कार्यवाही संचालित हुई।
दो दिसंबर 2024 को निर्णय पारित किया गया कि अवशेष वेतन 6,27,173.16 रुपये के साथ चार गुना शास्ति /प्रतिकर 25,08,692 रुपये के साथ भुगतान किया जाए। कुल धनराशि 31,35,865 आदेश की तिथि से एक माह के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया। दो माह बीतने के बाद भी वी-मार्ट द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इसके बाद वादी के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय द्वारा वसूली प्रमाणपत्र जारी किया गया। धनराशि की भू-राजस्व की भांति वसूली कर कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त, शाहजहांपुर के बैंक खाते में भेजने का वसूली पत्र जिला कलेक्टर/प्रभारी अधिकारी संग्रह को भेजा गया है।
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मामला लीगल टीम देखती हैं। तत्कालीन प्रबंधक वर्तमान में यहां नहीं है। हमें मामले की जानकारी नहीं है। मोहित शुक्ला, मैनेजर, वी-मार्ट