शाहजहांपुर। लगभग आठ माह पहले कैंट एरिया में तेंदुए ने दस्तक दी थी। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया और बकरी भी बांधी, लेकिन बकरी को निवाला बनाकर तेंदुआ सुरक्षित ठिकाने पर निकल गया और वन विभाग के हाथ नहीं आया। दो माह तक लोग दहशत में रहे। शुक्रवार रात एक बार फिर तेंदुए की आहट ने लोगों को दहशत में डाल दिया है।
पहली बार वर्ष 2019 के जुलाई माह में कैंट एरिया में केवी-वन स्कूल की दीवार पर बैठे हुए तेंदुए की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। दहशत में आए लोगों ने वन विभाग को सूचना दी तो शुरूआत में वन विभाग ने इसे हल्के में लिया, लेकिन कैंट एरिया की खुली सड़क को पार करते हुए उसकी फुटेज दिखी तब वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया और कई स्थानों पर कैमरे भी लगाए गए। जिसमें उसकी फुटेज कैद हुई, लेकिन वह वन विभाग के हत्थे नहीं आया। पूरे दो माह तक आंख-मिचौली चलती रही। फिर लगा कि तेंदुए ने अपना ठिकाना बदल लिया और कहीं सुरक्षित स्थान पर चला गया। उस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने भी तेंदुआ देखे जाने की बात लोगों को बताई थी। रात के समय लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम सुबह से लेकर रात तक लगी रही, लेकिन वह फिर भी नहीं मिल पाया था। एक बार फिर तेंदुए की दस्तक ने कैंट एरिया में खलबली मचा दी है।
जानवरों का शिकार कर भरता रहा पेट
कैंट एरिया का जंगल करीब 70 एकड़ में फैला हुआ है। इसलिए यहां गोवंशीय पशु व अन्य जानवर भी घूमते रहते हैं। तेंदुआ ऐसे जानवरों को निवाला बनाकर अपना पेट भरता रहा। कई स्थानों पर मृत मिले पशुओं को देखकर लोगों ने इसी तरह की पुष्टि की थी।