शाहजहांपुर। बरेली की एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को लेखपाल उत्कर्ष वर्मा को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। टीम प्रभारी शैलेश सिंह की तहरीर पर चौक कोतवाली में लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सदर तहसील के गांव दिलावर देवकली निवासी भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला प्रवक्ता सुखपाल यादव ने की शिकायत पर की गई है।
सुखपाल सिंह यादव ने अपने पिता के निधन के बाद 16 जुलाई, 2019 को वारिसान प्रमाण पत्र के लिए तहसील में आवेदन किया था। तभी से वह तहसील के चक्कर लगा रहे थे। उन्होंने प्रमाण पत्र के लिए सदर तहसील के ग्राम बेहटा के लेखपाल उत्कर्ष वर्मा निवासी ग्राम उम्मरगंज थाना पुवायां से कई बार संपर्क साधा। हर बार उन्होंने पेंच फंसा दिया। आरोप है कि लेखपाल प्रमाण पत्र के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग कर रहा था। परेशान होकर सुखपाल ने एंटी करप्शन टीम, बरेली से संपर्क साधा और शिकायत की।
मंगलवार को टीम के प्रभारी शैलेश सिंह पूजा वर्मा, आरके त्रिपाठी समेत 13 सदस्यीय टीम के साथ पहुंचे। डीएम से अनुमति के बाद जाल बिछाया गया। सुखपाल को लेखपाल के पास पांच हजार रुपये लेकर भेजा। नोटों पर केमिकल लगा था। दोपहर करीब तीन बजे सुखपाल यादव के रुपये देते ही टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया। उनके हाथ धुलाने पर नोटों पर लगे केमिकल के चलते पानी रंगीन हो गया। टीम तुरंत लेखपाल उत्कर्ष वर्मा को गिरफ्तार करते हुए कोतवाली लेकर पहुंची, जहां उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है।
तीन साल से काट रहे थे चक्कर, हर बार फंसा देते थे नया पेंच
सुखपाल सिंह यादव ने बताया कि वह तीन साल से प्रमाण पत्र के लिए चक्कर काट रहे हैं। लेखपाल को पता था कि वह दिलावरपुर देवकली के रहने वाले हैं और उनका मकान रोशनगंज में है। इसके बावजूद मोहल्ला दिलाजाक प्रमाण पत्र पर डलवा दिया। दिलाजाक में तलाशने के बाद भी नहीं मिलने पर प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। बताया कि जमीनी विरासत के सारे प्रपत्र देने के बाद भी उनके नाम में गड़बड़ी करते हुए सुखपाल यादव की जगह सुखलाल अंकित कर दिया। अभी एक जून को फिर से आवेदन किया था। अभी तक उसकी रिपोर्ट नहीं लगी है।
एंटी करप्शन टीम कार्यालय में पहुंचकर की शिकायत, फिर हुई जांच
लेखपाल उत्कर्ष वर्मा द्वारा लगातार दौड़ाने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं जारी करने और रुपये मांगने पर सुखपाल यादव ने सबक सिखाने का मन बना लिया। वह सीधे एंटी करप्शन टीम बरेली के कार्यालय में पहुंच गए। वहां अपनी पूरी दिक्कत बताई। टीम के सदस्य की मानें तो उनकी लिखित शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन की ओर से गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सत्य पाए गए थे। उसके बाद टीम ने अपने स्तर से कार्रवाई की।
कोतवाली में फूट-फूटकर रोया लेखपाल
गिरफ्तार लेखपाल उत्कर्ष वर्मा को कोतवाली लाया गया। उसके खिलाफ केस दर्ज होने के दौरान उत्कर्ष फूट-फूटकर रो पड़ा। उसे टीम ने चुप कराया। वहीं दूसरी तरफ एंटी करप्शन टीम के छापे के दौरान उत्कर्ष के गिरफ्तार होने की सूचना के बाद तमाम लेखपाल कोतवाली में जुट गए।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13 में लेखपाल उत्कर्ष वर्मा के खिलाफ चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -संजय कुमार, एसपी सिटी