- गरीबों के नाम पात्र गृहस्थों की सूची में शामिल नहीं होने से रोष
- चेयरमैन और सदस्यों ने भीड़ के साथ बंद कराईं कोटे की दुकानें
- शाहजहांपुर, निगोही, खुटार, बंडा और तहसील रोड पर वाहनों की लाइन लगीं
नगर पालिका अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को नगर के तमाम लोगों ने पुवायां के राजीव चौक पर जाम लगा दिया। इस दौरान प्रशासन और पूर्ति विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
नगर के कई मोहल्लों में रहने वाले गरीब परिवारों के नाम पात्र गृहस्थ की सूची में शामिल किए गए थे और उन्हें कोटेदार से राशन आदि भी मिल रहा था। जून और जुलाई में राशन नहीं दिया गया। कोटेदारों ने लोगों को बताया कि उनके पाम पात्र गृहस्थों की सूची से काटे जाने के कारण राशन नहीं मिल सकेगा। इससे आक्रोशित तमाम महिलाओं ने 18 जुलाई को नगर पालिका अध्यक्ष संजय गुप्ता के आवास का घेराव भी किया था।
इसके बाद चेयरमैन ने पूर्ति निरीक्षक को सूची में तत्काल सुधार कराने को कहा था और समस्या का निदान नहीं होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी थी। 20 दिन बाद भी स्थिति जस की तस रहने पर तमाम महिलाएं फिर से चेयरमैन के घर पहुंचीं। इसके बाद चेयरमैन शनिवार को कई सदस्यों और तमाम महिलाओं को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम के नहीं मिलने पर सभी लोग पूर्ति कार्यालय पहुंचे, यहां भी कोई अधिकारी, कर्मचारी नहीं मिला। आक्रोशित लोगों ने पूर्ति कार्यालय बंद करा दिया और राजीव चौक पर आकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान शाहजहांपुर, निगोही, खुटार, बंडा और तहसील रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम के दौरान पालिकाध्यक्ष की डीएम पुष्पा सिंह से फोन पर वार्ता हुई। डीएम ने तीन दिन में सूची में सुधार कराने और पात्र लोगों के नाम सूची में शामिल कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया। चक्का जाम में शामिल भीड़ ने नगर के सभी कोटेदारों की दुकानें बंद करा दी हैं। चेयरमैन ने कहा कि सूची में सुधार होने के बाद ही दुकानें खुलेगी और पात्रों को राशन मिलेगा। इस दौरान राजेश त्रिवेदी, गौरव त्रिवेदी, गुड्डू शर्मा, पवन पांडे, अमित श्रीवास्तव, रामदास, रजनीश शर्मा सहित तमाम सदस्य मौजूद रहे।
जांच के बाद सूची में शामिल होंगे नाम
पुवायां। डीएम के निर्देश पर शाहजहांपुर से पहुंची एआरओ श्रद्धा श्रीवास्तव कैमहरिया के लोगों की समस्या सुनने के बाद नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं। यहां चेयरमैन और सदस्यों से वार्ता के बाद तय हुआ कि नगर पालिका इस बात का प्रचार कराएगी कि जिन लोगों के नाम पात्र गृहस्थी की सूची से छुटे हैं वह आधार कार्ड, राशन पर्ची, प्रार्थना पत्र लेकर नगर पालिका कार्यालय में जमा कराएं। जांच के बाद पात्रों के नाम सूची में शामिल कर लिए जाएंगे।