शाहजहांपुर। आज विश्व मधुमेह दिवस है, आमतौर पर बुजुर्गों को होने वाली इस बीमारी की चपेट में किशोर व युवा भी आने लगे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाला हर तीसरा व्यक्ति मधुमेह रोग से ग्रस्त है। अनियमित दिनचर्या और खान-पान बेहतर नहीं होने से लोग रोग की चपेट में आ रहे हैं।
बार-बार पेशाब जाना, भूख नहीं लगना और वजन कम होना मधुमेह रोग के प्रारंभिक लक्षण हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह बीमारी शरीर में घर कर जाती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. मोहम्मद सलीम बताते हैं कि ओपीडी में आने वाले छह सौ मरीजों में 15 से 20 प्रतिशत मरीज मधुमेह रोग से ग्रसित होते हैं।
आनुवांशिक होने के चलते बच्चे व युवा भी रोग से ग्रसित हो रहे हैं। अंग्रेजी दवा से गुर्दे खराब होने की भ्रांति की वजह से लोग मधुमेह की देसी दवा खाने लगते हैं। कई बार यह नुकसानदायक हो सकती है। तला-भुना खाने से चर्बी की मात्रा बढ़ने से फैटी लीवर भी डायबिटीज का एक कारण है।
ये हैं लक्षण
-थकान महसूस होना, बार-बार पेशाब लगना, अत्यधिक प्यास लगना ,आंखों का कमजोर होना, शरीर का वजन से कम होने लगना, बार-बार भूख लगना, शरीर के घाव का जल्दी न भरना, पैरों के तलवों में जलन व सुई जैसी चुभन होना।
ये बरतें सावधानी
-मधुमेह से बचाव के लिए नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं, प्राणायाम-व्यायाम करें, पानी का अधिक सेवन करें, सुपाच्य और पौष्टिक आहार लें। थोड़े-थोड़े समय अंतराल पर कुछ खाते रहें। लंबे समय तक खाली पेट ना रहें , नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें। धूम्रपान एवं शराब का सेवन ना करें, अधिक मोटापे से बचें, तनाव मुक्त रहे।
-14 नवंबर को जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीएचसी-सीएचसी, राजकीय मेडिकल काॅलेज पर मधुमेह दिवस मनाया जाएगा। इसमें मधुमेह की जांच भी कराई जाएगी। अनियमित दिनचर्या व खराब जीवनशैली के चलते मधुमेह का रोग लोगों को घेर रहा है।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ