शाहजहांपुर। शहर में ई-बसों के संचालन में अतिक्रमण बड़ी अड़चन साबित होगा। प्रशासन ने वन-वे व्यवस्था को लागू करने के साथ ही एक दिसंबर से शहर में छह ई-बसों के संचालन का निर्णय लिया है। हर 10-15 मिनट में बसों को उपलब्ध कराना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सदर थाने में व्यापारियों व अधिकारियों के साथ बैठक में वन-वे व्यवस्था को लागू किए जाने के निर्देश दिए थे। यह वन-वे व्यवस्था बरेली मोड़ से चारखंभा, केरूगंज, अंटा चौराहा होते हुए कचहरी से रोडवेज बस अड्डा तक रहेगी।
इस व्यवस्था में ई-रिक्शा का संचालन नियंत्रित करने पर जोर रहेगा। इनको मुख्य मार्ग से हटाए जाने की योजना है। उद्देश्य यह है कि शहरवासियों को जाम से राहत दिलाई जा सके। इसके साथ ही शहर के अंदर छह ई-बसों के संचालन सुनिश्चित किए जाने की तैयारी है। ये बसें इसी मार्ग पर संचालित होंगी। अधिकारियों का मानना है कि ई-रिक्शा कम होने और ई-बसों का संचालन शुरू होने से जाम से राहत मिलेगी। वहीं, हालत यह है कि बरेली मोड़ से लेकर रोडवेज बस अड्डा तक कई स्थानों पर अतिक्रमणकारी सड़क तक काबिज हैं। ऐसे में यहां पर ई-बसों के जाम में फंसने की संभावना रहेगी और हर दस-15 मिनट में लोगों को बस सुलभ होने के दावे पर सवाल खड़े होंगे। इसके अलावा सीवर लाइन खोदाई के बाद सड़कों पर अब भी गड्ढे हैं। इससे भी लोगों को दिक्कत होगी।
इन स्थानों पर यह है हाल
- बरेली मोड़ पर टेंपों संचालकों का सड़क पर कब्जा रहता है। बरेली मोड़ से शहर के अंदर सवारियां लाने के लिए सड़क पर ही अपने टेंपों खड़े करके सवारियां भरते हैं। ठेले वाले भी यहां काबिज हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या हो जाती है।
- गर्रा पुल पर दोनों ओर ठेले वालों का कब्जा है। चौड़ा रास्ता होने के बावजूद सब्जी-फल के ठेलों के कारण सड़क संकुचित हो गई है। दुकानों को लगाने के लिए नगर निगम की ओर से पुराने गर्रा पुल पर वेंडिंग जोन भी बनवाया था। इसमें दुकानें नहीं लगने पर इसको हटाने की तैयारी है।
- चारखंभा से केरूगंज तक सड़क के दोनों ओर दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों का सामान रखा जाता है। इस रास्ते पर सामान्य स्थिति पर भी जाम जैसे हालात रहते हैं। बसें गुजरने पर हालात भयावह हो जाते हैं। यहां से अतिक्रमण नहीं हटा तो बसें सहूलियत की बजाय परेशानी का सबब बनेंगी।
-सामान्य स्थिति में बेरी चौकी से अंटा चौराहा होकर जेल रोड तक वाहन रेंगते रहते हैं। इसका मुख्य कारण रोड पर अतिक्रमण होना ही है। पुराना जिला अस्पताल के साथ ही तमाम निजी अस्पतालों में आने वाले लोगों के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। जेल के सामने ही तमाम ठेले वालों का कब्जा रहता है।
- कलक्ट्रेट व कचहरी के बाहर सड़क पर वाहन खड़े होते हैं। वकीलों व वादकारियों के वाहन खड़े करने के लिए टीचर कॉलोनी, विकास भवन परिसर में पार्किंग व्यवस्था है। इसके साथ ही गोविंदगंज ओवरब्रिज के नीचे भी पार्किंग स्थल बना है।
बरेली मोड़ से चिनौर तक एक दिसंबर से चलेगी छह ई-बसें
सिटी बस ट्रांसपोर्ट के प्रबंधक संदीप लाहा ने बताया कि शहर में छह ई-बसों का संचालन एक दिसंबर से चालू हो पाएगा। वर्तमान में 19 ई-बसों का संचालन शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जा रहा है। छह ई-बसों की बैटरी जुलाई में बाढ़ आने से खराब हो गईं थीं। ये बसें अभी संचालित नहीं हो रहीं हैं। इन बसों को ही एक दिसंबर से पहले ठीक करा लिया जाएगा।
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21 स्थानों पर होगा ठहराव
शहर में चलने वाली ई-बसों का स्टॉपेज पूर्व से निर्धारित कर नगर निगम की ओर से इसके लिए बोर्ड लगाए गए थे। जिन स्थानों पर बोर्ड नहीं लगे हैं, वहां पर भी लगाए जाएंगे। एक दिसंबर से चलने वाली छह ई-बसों का ठहराव बरेली मोड़, ककरा पुल, अजीजगंज, गर्राफाटक, एलआईसी ऑफिस, चार खंभा, केरूगंज, छोटा चौक, हनुमत धाम मोड़, मिशन स्कूल, कमला अस्पताल, बेरी चौकी, पुराना जिला अस्पताल, अंटा चौराहा, चमकनी मोड़, फायर स्टेशन, इस्लामिया स्कूल, खिरनीबाग, कचहरी, रोडवेज बस अड्डा, महिला थाना, चिनौर में होगा।
वन-वे व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रचार-प्रसार करवाया जा रहा है। ई-रिक्शों को मुख्य मार्ग पर संचालित नहीं किया जाएगा। व्यवस्था को लागू करने से पहले ट्रायल कराएंगे। इसमें अतिक्रमण आदि की समस्याओं को निस्तारित कराया जाएगा। इसके बाद एक दिसंबर से छह ई-बसों का संचालन होगा। - डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर कचहरी के सामने रोड पर खड़े वाहन। संवाद
शाहजहांपुर कचहरी के सामने रोड पर खड़े वाहन। संवाद
शाहजहांपुर कचहरी के सामने रोड पर खड़े वाहन। संवाद