राजस्व संहिता के अनुसार काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने शुक्रवार को एसडीएम चित्रा निर्वाल और तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तहसील में जमकर हंगामे और नारेबाजी के बाद दोनों अधिकारियों का प्रतीकात्मक पुतला फूंका था। दूसरे दिन भी वकीलों का प्रदर्शन जारी है।
शाहजहांपुर के पुवायां में एसडीएम और तहसीलदार को हटाने की मांग कर रहे वकील शनिवार को भी धरने पर बैठे। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की पूर्व उपाध्यक्ष मधुलिका यादव भी पुवायां पहुंचीं और धरने में शामिल होकर वकीलों को समर्थन और सहयोग की घोषणा की है। वकीलों ने सभी न्यायालयों का भी बहिष्कार कर दिया है।
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ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर समान्य वर्ग के लिए प्रमाणपत्र) बनवाने के लिए शुक्रवार को वकील विनय शर्मा का तहसीलदार से विवाद हो गया था। वकील एसडीएम से बात करने पहुंचे तो एसडीएम चित्रा निर्वाल ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बुला ली थी। इससे वकील भड़क गए थे। वकीलों ने एसडीएम और तहसीलदार पर मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाते हुए हंगामा और नारेबाजी कर दोनों अधिकारियों का पुतला भी दहन किया था। इसके बाद वकील धरने पर बैठ गए थे।
शनिवार को दूसरे दिन भी वकीलों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर पहुंची बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की पूर्व उपाध्यक्ष मधुलिका यादव ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और वह हर हाल में वकीलों के साथ रहकर आंदोलन को तेज करेंगी। धरने पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष शुक्ला सहित तमाम वकील बैठे हुए हैं।