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UP News: शाहजहांपुर के कलान में हटने लगा कोलाघाट पैंटून पुल, चार महीने मुसीबत झेलेंगे तीन लाख लोग

Fri, 16 Jun 2023 04:22 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

रामगंगा नदी पर बना कोलाघाट पैंटून पुल हटने में करीब एक हफ्ता लग सकता। पुल हटते ही करीब तीन लाख लोगों को परेशानी होगी। कलान तहसील मुख्यालय समेत दर्जनों गांवों के लोगों को 50-60 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जिला मुख्यालय आना होगा। 
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पैंटून पुल के पास रास्ते की प्लेटें हटाते मजदूर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर के कलान में लोक निर्माण विभाग ने कोलाघाट पैंटून पुल तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को पुल तक जाने के रास्ते पर डाली गईं लोहे की प्लेटें हटाने का काम चलता रहा। अनुमान है कि दो-तीन दिन में यह काम पूरा होने के बाद पुल हटाने का काम शुरू होगा। 
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पुल हटने में करीब एक हफ्ता लग सकता। पुल हटते ही करीब तीन लाख लोगों को परेशानी होगी। कलान तहसील मुख्यालय समेत दर्जनों गांवों के लोगों को 50-60 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जिला मुख्यालय आना होगा। जनपद की सीमा से सटे फर्रुखाबाद और बदायूं के लोग प्रभावित होंगे।  

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मानसून की शुरुआत से पहले मध्य जून तक लोक निर्माण विभाग विभिन्न नदियों पर बनाए गए पैंटून पुलों को हटा देता है। 29 नवंबर 2023 को कोलाघाट पर बना पक्का पुल क्षतिग्रस्त होने पर लोगों के आवागमन के लिए पैंटून पुल का निर्माण कराया गया था। 

रामगंगा और बहगुल नदी पर बने पैंटून पुल को हटाने से पहले विभाग ने रास्ते पर डाले गए पटलों को हटाने का काम बृहस्पतिवार को शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी के जेई ज्ञानेंद्र ने बताया कि पहले पटलों को हटाया जाएगा। एक-दो दिन बाद पुल हटाने का काम शुरू होगा। हालांकि खंडहर इलाके में हैदलपुर घाट के पैंटून पुल को हटाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

 

पुल हटते ही व्यापार होगा प्रभावित
पैंटून पुल और कच्चे रास्ते से आने-जाने में परेशानी होने के बावजूद दूरी कम होने के कारण कायमगंज, शमशाबाद, ढाई के अलावा कलान व मिर्जापुर इलाके के लोग जलालाबाद से सब्जी और गल्ला कारोबार से जुड़े हैं। इस क्षेत्र के बड़े काश्तकार मूंगफली, मक्का, तिल सौंफ आदि यहां की मंडी में लेकर आते हैं। 

आलू, केला, कटहल, आम सहित कई अन्य तरह के फल-सब्जियों के बेहतर दाम मिलने के कारण उस क्षेत्र का किसान यहां आता है। यहां सब्जी की थोक आढ़तों पर मदनापुर, कांट, बुधुआना, अल्हागंज से आने वाले व्यापारी माल खरीदते हैं। नदियों के पार इलाके के कई छोटे कारोबारी यहां से सब्जी खरीदकर रोजाना अपने यहां उनकी खुदरा बिक्री कर मुनाफा कमाते हैं। 

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पिकअप या टाटा मैजिक वाहन पर 30-40 क्विंटल तक वजन लादकर आसानी से पैंटून पुल से निकल जाते हैं। पुल टूटने के बाद अब 50-60 किलोमीटर का चक्कर लगाकर राजेपुर होकर आना-जाना काफी महंगा और ज्यादा समय लेने वाला हो जाने से इन व्यापारिक गतिविधियों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। व्यापारी अब यहां के बजाय फर्रुखाबाद या बदायूं की मंडियों का रुख करेंगे।

सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ता है असर

दोनों क्षेत्र के बड़ी तादाद में लोग व्यापार के अलावा सामाजिक रिश्तों से भी बंधे हैं। कायमगंज से फर्रुखाबाद होकर जलालाबाद की दूरी 85 किलोमीटर है, जबकि शमसाबाद होकर यह दूरी 40 किलोमीटर रह जाती है। कोला होकर बदायूं की दूरी 70 किलोमीटर के आसपास है। राजेपुर होकर जाने पर इसमें 50 किलोमीटर का इजाफा हो जाएगा। शादी से लेकर सुख-दुख की घड़ी में दोनों क्षेत्र के लोगों की आसान पहुंच पैंटून पुल टूटने के बाद दुरूह हो जाएगी।

जोखिम भरा होगा नाव का सफर 

कोलाघाट के पक्के पुल पर बाइक आदि के निकलने की मंजूरी है। आसपास गांवों के कुछ युवा करीब 18 सौ मीटर लंबे पक्के पुल के दोनों ओर बाइक लेकर मौजूद रहते हैं। ये लोग दस रुपये प्रति सवारी लेकर बाइक पर दो सवारियों को बैठाकर पुल के इधर से उधर छोड़ देते हैं। यदि जलालाबाद से कोलाघाट पुल तक और कलान से पुल के दूसरी छोर तक रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो जाए तो लोगों को नाव में सफर करने से निजात मिल सकती है।

शाहजहांपुर डिपो इंचार्ज विनोद मिश्र ने बताया कि इस रूट पर काफी समय से बसों की कमी है। अल्हागंज होते हुए व पाली-दिल्ली रूट की दो-तीन बसें ही चल रहीं हैं। वर्तमान में डिपो के पास ही बसें काफी कम हैं। मुख्यालय से बसें प्राप्त होने के बाद इस रूट पर बसें चलाई जाएंगी।

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सब्जी व फल आढ़ती विमल पांडय ने बताया कि पैंटून पुल न होने से सब्जी के थोक और फुटकर दोनों तरह के व्यापार पर बड़ा असर पड़ता है। बरसात के चार महीने यहां के लोगों का जलालाबाद और शाहजहांपुर से संपर्क कट जाता है। इससे काश्तकार व व्यापारी अन्य जगह की मंडियों से जुड़ जाता है। बाद में व्यापारी वापस नहीं मिल पाता है।

माला भाड़ा बढ़ने से ग्राहकों पर पड़ेगा असर 

मिर्जापुर के बर्तन व्यापारी सुधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि शादी बरात का सीजन चल रहा है। पैंटून पुल से छोटे वाहनों से बर्तन लाने में कम खर्च आता था। अब पैंटून पुल हट जाने पर अल्हागंज से राजेपुर (फर्रुखाबाद) होकर करीब 60 किलोमीटर का चक्कर काटना होगा। इससे माल भाड़ा बढ़ जाएगा। समय और माल भाड़ा बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों पर ही पड़ेगा।
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रेडीमेड कपड़ा व्यापारी अखिलेश प्रकाश गुप्ता ने कहा कि कोलाघाट पैंटून पुल हट जाने के बाद भाड़ा और समय बढ़ जाने से हर तरह के व्यापार पर असर पड़ेगा। लोगों का आवागमन भी कम हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि कोलाघाट के पक्के पुल को हल्के वाहनों के लिए खोल दे। 

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बार संघ के उपाध्यक्ष करुणाशंकर वाजपेयी ने बताया कि पैंटून पुल की व्यवस्था तब तक बनी रहे जब तक नदी का जलस्तर न बढ़े। बड़ी संख्या में लोग विभिन्न प्राइवेट वाहनों से इधर-उधर आते-जाते हैं। पुल टूटने के बाद आवागमन की समस्या के निदान के लिए शासन को गंभीरता से प्रयास करना चाहिए। रोडवेज बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। 
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