शाहजहांपुर। किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने वाले किसान नेताओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं। शनिवार को भाकियू राष्ट्रीयतावादी गुट के जिलाध्यक्ष शकील मंसूरी ने दिल्ली जाने की योजना बनाई। उनकी रवानगी से पहले ही इसकी भनक प्रशासन को लग गई और अधिकारियों ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष से संपर्क साधा और शुक्रवार को देर रात जिलाध्यक्ष के शहर स्थित आवास पर जाकर उन्हें दिल्ली जाने से रोक दिया। यही नहीं, रात में पुलिस उनके घर के आसपास भाकियू नेता की टोह लेती रही।
बता दें कि जिले मेें सक्रिय भाकियू के मुख्य धड़े टिकैत गुट के मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह आंदोलन की शुरुआत में दिल्ली गए थे, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने पर परिवार वालों के बुलाने पर बीते सप्ताह घर लौट आए थे। दो दिन रुकने के बाद उनका मन नहीं लगा तो वह दोबारा पुलिस को चकमा देकर तमाम कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली चले गए और बीते एक सप्ताह से वहीं पर डेरा डाले हैं। बाद में कांट क्षेत्र के गांव चक ममरेजपुर स्थित भाकियू नेता की टोह लेने पुलिस पहुंची तो उसे पता चला कि वह दिल्ली में आंदोलन पर दोबारा डट गए हैं। यही नहीं, बीते दिन इसी गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह भी पुलिस को चकमा देकर कई कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली निकल गए।
भाकियू राष्ट्रवादी गुट के जिलाध्यक्ष नरेंद्र यादव दिल्ली से लौटकर सिंधौली क्षेत्र स्थित अपने आवास पर हैं। उन्होंने भी कुछ दिन बाद दोबारा दिल्ली चलने का कार्यकर्ताओं से इरादा जाहिर किया, इसलिए पुलिस उन पर भी निगाह रखे है। यही नहीं, भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव और महासचिव राशिराम वर्मा जिले में ही हैं। इसलिए पुलिस इन किसान नेताओं पर नजर जमाए है। इस बीच, यूनियन के राष्ट्रीयतावादी गुट के जिलाध्यक्ष के दिल्ली जाने के कार्यक्रम की भनक लगते ही अधिकारी सक्रिय हो गए। बरेली रेंज के डीआईजी ने बीते दिन इसी गुट के लखनऊ में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष मुशीर खां से संपर्क साधा और उनसे जिले के पदाधिकारियों को दिल्ली जाने से कुछ दिन रोकने को कहा।
यूनियन के जिलाध्यक्ष मंसूरी के अनुसार रात में उनकी कई अधिकारियों से वार्ता हुई और इस दौरान लखनऊ से प्रदेश अध्यक्ष ने कुछ दिन को दिल्ली यात्रा टालने को कहा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात में भी दो पुलिस अधिकारियों ने उनके मोहल्ला जियाखेल स्थित आवास पर आकर दिल्ली नहीं जाने का अनुरोध किया। उनके अनुसार अधिकारियों की बात मानने पर भी दो पुलिस वाले देर रात तक उनके घर के आसपास बने रहे। उन्होंने कहा कि फिलहाल तीन जनवरी तक वह जिले में मौजूद रहकर कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने के लिए एकजुट करेंगे और बाद मेें हर हाल में दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
भाकियू राष्ट्रीयतावादी गुट के जिलाध्यक्ष शकील मंसूरी से बात हो गई है और वह दिल्ली जाने के बजाय गृह जनपद में बने रहने को सहमत हो गए हैं। यूनियन के सभी गुटों के प्रमुख पदाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। खुदागंज से कुछ किसानों के छोटे-छोटे जत्थे बीते दिन दिल्ली जाने की सूचना मिली है, लेकिन उनके साथ कोई प्रमुख पदाधिकारी नहीं गया है।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन