फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: लखीमपुर और पीलीभीत सीमा पर कड़ी चौकसी

विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। किसान आंदोलन को लेकर जिले की पीलीभीत और लखीमपुर सीमा पर खड़ी चौकसी रखी जा रही है। पुलिस और पीएसी जवानों के साथ अधिकारी 24 घंटे डेरा जमाए हैं। शनिवार को खुटार पहुंचे डीआईजी ने एएसपी, सीओ, एसडीएम से क्षेत्र में किसान आंदोलन के बारे में जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। डीआईजी ने लखीमपुर और पीलीभीत बॉर्डर पर निरीक्षण किया और वाहन चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए।
विज्ञापन

बरेली से आए डीआईजी राजेश पांडे शनिवार को खुटार थाने पहुंचे। जहां उन्होंने एएसपी निपुण अग्रवाल, सीओ नवनीत कुमार नायक और एसडीएम दशरथ कुमार से अकेले में मंत्रणा की। एएसपी ने डीआईजी को जिले में किसान आंदोलन के बारे में ताजा अपडेट दिए। डीआईजी को बताया गया कि पुवायां तहसील क्षेत्र में तमाम किसान संगठन के जिलाध्यक्ष आदि रहते हैं, लेकिन किसान आंदोलन को लेकर ज्यादा समस्या नहीं है और क्षेत्र में पूरी तरह से शांति है।
डीआईजी ने निर्देश दिए कि जिले की सीमाओं पर पुलिस तैनात रखी जाए। संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जाए और कहीं भी जाम आदि की समस्या नहीं होनी चाहिए। दिल्ली जाने वाले किसानों को समझाकर घरों को वापस भेजे जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। सभी पुलिसकर्मी आपस में समन्वय बनाए रखें और सूचनाओं का आदान प्रदान करते रहें। डीआईजी ने जिले सीमाओं पर जाकर निरीक्षण किया और वापस लौट गए।
विज्ञापन

वाहनों की चेकिंग जारी, पूछताछ के बाद आगे जाने दे रही पुलिस
जिले के लखीमपुर बॉर्डर पर खुटार थाना क्षेत्र में गांव प्रसादपुर के पास एक दरोगा और चार सिपाहियों को चौबीस घंटे रहकर वाहनों की चेकिंग करने को कहा गया है।
लखीमपुर से दिल्ली जाने वाले किसानों का प्रमुख रूट शाहजहांपुर पलिया हाईवे है। इस हाईवे पर लखीमपुर के किसान भीरा, मैलानी होते हुए खुटार थाना क्षेत्र की सीमा से होकर पीलीभीत की ओर जाते हैं। इस कारण इस रूट पर पुलिस की कड़ी चौकसी है। गांव प्रसादपुर में पुलिस वाहनों को रोकर पूछताछ और कागज चेक करने के बाद ही आगे जाने से रही है। इसके अलावा पीलीभीत बस्ती मार्ग पर शाहजहांपुर पीलीभीत की सीमा से पहले गांव लौहंगापुर में भी पुलिस की तैनाती की गई है। पीएएसी के जवान भी थाने में मौजूद हैं।
रामपुर से दो ट्रॉलियों से किसानों के दिल्ली जाने और 25 दिसंबर को भाकियू के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के करीब बीस लोगों के साथ दिल्ली जाने के अलावा किसान आंदोलन को लेकर क्षेत्र में कोई ज्यादा तैयारी नहीं है। इससे पुलिस राहत में है। पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी और खुफिया विभाग के लोग क्षेत्र के प्रधानों और कई किसान नेताओं के संपर्क में रहकर शांति व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन

खुटार क्षेत्र से ज्यादा किसान दिल्ली नहीं जा रहे हैं। लखीमपुर खीरी से आने वाले किसानों से बात कर उन्हें वापस करने का प्रयास करने के लिए कहा गया है।
राजेश कुमार पांडे, डीआईजी बरेली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें