घर के छप्पर में लगाने के बाद मचाया था अपहरण का शोर
गांव खिरिया माल निवासी राकेश जाटव का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि उसने मारपीट करने वाले विपक्षियों को सबक सिखाने के लिए अपहरण का नाटक रचा था। इसका खुलासा प्रभारी थानाध्यक्ष रजी अहमद ने रविवार शाम 3:30 बजे सरऊ पुलिया से उसे मय तमंचे के बरामद करने के बाद किया। घटना वाले दिन घर की झोपड़ी में आग भी परिवार वालों ने ही लगाई थी। पुलिस ने राकेश का तमंचा रखने के आरोप में चालान कर दिया।
दरअसल सात जनवरी को गांव के राना सिंह, वुधपाल सिंह व उधम पाल सिंह ने राजुआपुर के राजीव व पांच अज्ञात साथियों के साथ मिलकर राकेश की पिटाई कर दी थी और पूर्व प्रधान जगवीर के यहां खींचकर ले गए। जहां समझौता की बात चली और उसे दर्द की गोली भी खिलाई गई। इसके बाद वह वहां से अपने भाई दिनेश के साथ चला आया लेकिन विपक्षियों को सबक सिखाने के लिए उसने अपहरण का षडय़ंत्र रच लिया। पुलिस के मुताबिक राकेश रात भर फौजी के गन्ने के खेत में छिपा रहा। उधर घर के छप्पर में परिवार वालों ने आग लगा दी और अपहरण की खबर पुलिस को देकर आगजनी, अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। भूख लगने पर भाई दिनेश से मोवाइल से बात की, तो दिनेश ने खेत में खाना पहुंचाया। अगले दिन वह तिलहर के मोहल्ला निजामगंज में अपने मामा के यहां रुका। वहीं से वह 10 जनवरी को वह आंवला अपनी बहन के यहां चला गया। राकेश ने पुलिस को बताया कि वह अपहरण साबित करने के लिए छिपता रहा और रविवार को वह कहीं और जाने के लिए निकला था कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया। कोतवाल अहमद ने बताया कि नामजद किए गए लोगों ने राकेश के साथ मारपीट तो की थी । इसी को लेकर राकेश ने मां व भाई की जानकारी में यह नाटक खेला।
अपहरण का नाटक रचने वाले राकेश जाटव को तमंचा रखने के मामले में जेल भेजा जा रहा है। अपहरण का षडय़ंत्र रचने का मामला विवेचना में सामने आने पर और धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
रजी अहमद, प्रभारी थानाध्यक्ष तिलहर