प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने रविवार रात करीब 11 बजे जलालाबाद पहुंचकर भगवान परशुराम की जन्मस्थली पर मत्था टेका और भगवान परशुराम की पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान मंदिर के महंत सत्यदेव पांडेय और परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति की ओर से उन्हें विभिन्न मांगों के संबंध में ज्ञापन दिए गए। देर रात पहुंचने के बाद भी मंदिर परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। महंत ने पूजन का कार्य सम्पन्न कराया इस मौके पर महंत की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें दिया गया। इसमें भगवान परशुराम की जन्मस्थली का नाम परशुरामपुरी किए जाने की मांग की गई। इसके अलावा परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने मंदिर के विकास और रामताल के सुंदरीकरण के लिए 2.21 करोड़ का बजट आवंटित किया है, वह काफी कम है। ज्ञापन देने वालों में समिति के विनोद चंद्र शर्मा, गोपाल मोहन द्विवेदी, प्रदीप मिश्र, मुन्नू लाल मिश्र, राजीव द्विवेदी, राकेश श्रीवास्तव, सर्वेश दीक्षित, अरुण अग्निहोत्री आदि शामिल रहे।
‘परशुराम की नगरी के विकास में नहीं छोड़ेंगे कसर’
मंदिर प्रांगण में आयोजित स्वागत समारोह में केंद्रीय मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि महर्षि परशुराम की जन्मस्थली के विकास में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे। मंदिर के सुंदरीकरण के लिये केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से और अधिक धनराशि स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नगर में विकास कार्य कराए जाएंगे। बोले, बहुमत से सरकार बनने के बाद जनता को सरकार से बहुत अपेक्षाएं हैं। इन्हें हरसंभव पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका परिषद जमीन उपलब्ध करा दे तो यहां शवदाह स्थल भी बनवा दिया जाएगा। इस मौके भाजपा नेता रमाकांत मिश्र, वीरेंद्र पाल सिंह यादव, अनिल गुप्ता, कमला निवास शास्त्री, अनिल वर्मा, संतोश गुप्ता, मिंटू अमर सिंह वाल्मीकि, कृष्ण कुमार मंगलम, गौरव राघव, योगेंद्र प्रताप सिंह, वीकेश गुप्ता के अलावा मनेंद्र गुप्ता, राजवीर सिंह, मीनू शुक्ला, बिरजू गुप्ता आदि मौजूद रहे।