पुवायां (शाहजहांपुर)। अफसरों की अनदेखी से बेखौफ हुए खनन माफिया की लापरवाही लोगों की जान लेने लगी है। खनन के गड्ढे में मिट्टी धंसने से एक बालक की मौत होने के बाद अब खनन के ट्रैक्टर-ट्रॉली ने स्कूल से लौट रहे पांचवीं के छात्र को रौंद दिया। घटना बृहस्पतिवार को थाना पुवायां के गांव मरेना के पास हुई। परिवार वाले बच्चे को इलाज के लिए बरेली ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मामले में ट्रैक्टर चालक समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव मरेना निवासी राजीव शर्मा का 11 वर्षीय पुत्र विराट गांव नाहिल के सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा पांच का छात्र था। बृहस्पतिवार को स्कूल से छुट्टी के बाद वह साइकिल से घर लौट रहा था। जब वह गांव के नजदीक मोड़ के पास पहुंचा, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी और ट्रॉली ट्रॉली का पहिया उसकी कमर के ऊपर से निकल गया। परिवारवाले उसे लेकर पुवायां सीएचसी और फिर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। यहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे लेकर बरेली जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गया। छात्र की मौत के बाद पिता राजीव शर्मा, चाचा विष्णु शव लेकर गांव पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। छात्र के पिता राजीव शर्मा की ओर से ट्रैक्टर ड्राइवर गांव मरेना निवासी मुनेश कुमार और गांव के ही विशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विशाल पर आरोप है कि वह ट्रैक्टर ड्राइवर को बातों में उलझाए था, जिससे हादसा हो गया। विराट की मौत से बाबा लालाराम, पिता राजीव शर्मा, मां कीर्ति देवी का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक के चाचा विष्णु शर्मा ने बताया कि गांव के मुनेश की ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी खनन के काम में लगी है। घटना के समय मिट्टी डालकर खाली ट्रैक्टर ट्रॉली लौट रहा था, जिसने विराट को रौंद दिया।
खनन के गड्ढे में मिट्टी धंसने से हुई थी बालक की मौत
पिछले दिनों मिर्जापुर क्षेत्र की ग्राम सभा पृथ्वीपुर ढाई में स्थित भट्ठे के पास ईंट पथाई के लिए खोदे गए गड्ढे में मिट्टी निकालते समय दस वर्षीय शोएब की मौत हो गई थी। शोएब का भाई आठ वर्षीय शफी भी मिट्टी में दबा था लेकिन उसे बचा लिया गया। दोनों अपने पिता जलालाबाद क्षेत्र के गांव मढ़ैया गुसाईं निवासी अच्छन के साथ रहकर ईंट पथाई का काम करते थे। शोएब की मौत की सूचना पर एसडीएम कलान, थानाध्यक्ष दिलीप यादव पहुंचे और घटना की जानकारी कर लौट गए। बताया गया कि परिवारवाले कार्रवाई नहीं चाहते और उन्होंने तहरीर भी नहीं दी है। इस तरह मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।