शाहजहांपुर। सीएए को लेकर दिल्ली में बिगड़े हालात का असर जिले में होली के कारोबार पर पड़ता नजर आ रहा है। पूर्वी दिल्ली में रेडीमेड गारमेंट्स की फैक्टरियों में ताले पड़ने और बॉर्डर सील होने से कपड़ों की आवक थम गई है। इस वजह से तमाम कारोबारियों का माल नहीं आ पाया है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो लेटेस्ट फैशन की चाहत रखने वालों को इस बार मायूस होना पड़ेगा। व्यापारी भी ऐसे में दिल्ली जाने से बच रहे हैं और पुराने स्टॉक से ही काम चला रहे हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों और फड़ लगाकर कारोबार करने वालों को इस बार होली पर बिक्री होने की जो उम्मीद थी, उस पर पानी फिरता दिख रहा है।
जिले में ब्रांडेड और दिल्ली मेड रेडीमेड कपड़ों के छोटे-बड़े करीब 250 शोरूम हैं। हर साल होली के दौरान सामान्य विक्रेता भी दो से पांच लाख रुपये के रेडीमेड कपड़े बिक्री कर लेते हैं क्योंकि त्योहार पर नए कपड़े पहनने का रिवाज होने के कारण बाजार में भारी भीड़ उमड़ती है। कैजुअल वियर में शामिल पैंट-शर्ट पहनने के शौकीन एक माह पहले से कपड़े खरीदकर दर्जी के यहां पहुंच जाते हैं, लेकिन त्योहार नजदीक आने पर रेडीमेड कपड़ों की मांग बढ़ जाती है। इस कारण होली पर जिले में करीब पांच करोड़ रुपये का रेडीमेड कपड़ों का कारोबार होता है।
इस बार सहालग में बिक्री के लिए रेडीमेड कपड़ों के बड़े व्यवसायी दो माह पहले ही दिल्ली से थोक माल ले आए। शादी-विवाह का सीजन उनके लिए फायदे का सौदा साबित हुआ, लेकिन देश की राजधानी में पिछले चार-पांच दिन के दौरान बिगड़े माहौल ने उनके होली के कारोबार पर ग्रहण लगा दिया है। छोटे कारोबारी दिल्ली में रेडीमेड के थोक बाजार गांधीनगर, टैंक रोड, शास्त्रीनगर से डिलीवरी नहीं मिलने से परेशान हैं और जिनके पास माल का पिछला स्टॉक है, उन्हें पर्याप्त ग्राहक नहीं मिल रहे। महानगर में रेडीमेड वस्त्रों के व्यवसाय का हब माना जाने वाला गोविंदगंज मार्केट इन दिनों ग्राहकों से गुलजार रहता था, लेकिन इस बार वहां भीड़ नहीं दिख रही।
फैैक्टिरियों में भरा माल, बाजार दिल्ली के भी खाली
गोविंदगंज की एक आउटफिट शॉप के संचालक परमजीत सिंह का कहना है कि दिल्ली में अभी माहौल बिगड़ा है और इस वजह से वहां के थोक मार्केट में भी फैक्टरियों से नया माल नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते होली पर बिक्री के लिए नया माल लाने के लिए शहर के कई व्यापारियों के साथ दिल्ली गए थे, लेकिन गांधीनगर से लेकर टैंक रोड तक कई होलसेलर्स से संपर्क करने पर पता चला कि उनके पास अभी नए कपड़ों की खेप नहीं पहुंची है। परमजीत के अनुसार आज रात फिर दिल्ली रवाना होंगे क्योंकि वहां से बार्डर खुलने की सूचना मिली है।
मोबाइल और पिचकारी कारोबार भी प्रभावित
कोरोना के चलते मोबाइल और पिचकारी का कारोबार पहले ही प्रभावित है। इसी बीच दिल्ली में बवाल होने के बाद व्यापारी मोबाइल पार्ट्स की खरीदारी को नहीं जा पा रहे हैं। इसी तरह पिचकारी और इलेक्ट्रॉनिक आइटम की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।