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Shahjahanpur News: ‘खामनेई की शहादत ने उम्मत-ए-मुस्लिमा को यतीम कर दिया’

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मौलाना मोहम्मद इमरान। स्रोत: स्वयं
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शाहजहांपुर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई की अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत के बाद इस्लामिक धर्मगुरुओं और प्रबुद्धजनों ने दुख व्यक्त किया है। हमले की निंदा करने के साथ ही खामनेई को दुनिया में शांति का दूत बताया है। शिया मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना मोहम्मद इमरान ने कहा कि उम्मत-ए-मुस्लिमा शोक में है। खामनेई की शहादत ने उसे यतीम कर दिया है।
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दुनिया में शांति के दूत थे खामनेई



अमेरिका और इस्राइल की दहशतर्दी की हद है। किसी के घर में घुसकर हमला करना कहां तक जायज है। अयातुल्लाह खामनेई दुनिया में शांति के दूत थे। भारत से ईरान के मधुर संबंध थे। उनके ऊपर हमले की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। -कासिम रजा, सचिव ईदगाह कमेटी







वर्चस्व स्थापित करने के लिए हो रही लड़ाई



एपस्टीन फाइल में लिप्त डोनाल्ड ट्रंप और इंटरनेशनल कोर्ट से मुजरिम ठहराए गए इस्राइल के प्रधानमंत्री ने खामनेई को शहीद किया है। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद चलाया जा रहा है। वर्चस्व स्थापित करने के लिए लड़ाई हो रही है। -सैयद मोहम्मद नोमान, सदर जमीयतुल उलमा
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ईरान ने जालिमों का डटकर मुकाबला किया



रहबरे मुअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की शहादत ने उम्मत-ए-मुस्लिमा को यतीम कर दिया। उन्होंने अपनी जिंदगी इस्लाम की राह में और जुल्म के खिलाफ जद्दोजहद में गुजार दी। खामनेई की कयादत में ईरान ने जालिमों के सामने डटकर मुकाबला किया है।



-मौलाना मोहम्मद इमरान अली, इमाम-ए-जुमा, शिया जुमा मस्जिद

फोटो 46

शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च
शाहजहांपुर। ईरान के राष्ट्रपति अयातुल्लाह सैयद अली खामनेई की जंग में इंतकाल के बाद रविवार की शाम को शिया समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। इस दौरान खामनेई के पोस्टर और कैंडल लेकर युवा चल रहे थे।
शाम को बिजलीपुरा स्थित शिया मस्जिद में शिया समुदाय के युवा एकत्र हुए। यहां से हाथों में कैंडल और खामनेई की तस्वीर लेकर रवाना किए। इस बीच विभिन्न मार्गों से शांतिपूर्ण तरीके से निकले। मार्च का समापन मस्जिद के पास हुआ। जहां डोनाल्ड ट्रंप मुर्दाबाद के नारे लगाए।
इस बीच मौलाना इमरान ने कहा कि सैयद अली खामनेई की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर शहजाद रजा, खावर अबबास, वकार जैदी, हसन असकारी, नासिर मेहंदी जैदी, जफर हुसैन नजमी, असद असकरी, अरशद अब्बास आदि मौजूद रहे।

मौलाना मोहम्मद इमरान। स्रोत: स्वयं

मौलाना मोहम्मद इमरान। स्रोत: स्वयं

मौलाना मोहम्मद इमरान। स्रोत: स्वयं

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